बरठीं(बिलासपुर)। विकास खंड झंडूता के तहत आने वाली दी मलारी बहुउद्देशीय सहकारी सभा सीमित कथ्यून के सदस्यों का एक प्रतिनिधिमंडल रविवार को क्षेत्र के विधायक जीतराम कटवाल से मिला। प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई करते हुए पूर्व में सभा के प्रधान रहे कुलदीप सिंह और कै. तरसेम सिंह ने विधायक को अवगत करवाया कि गत माह सभा के सचिव की ओर से नियमों को ताक पर रख कर मनमाने ढंग से बंद कमरे में चुनाव करवा लिए गए थे और अपने समर्थन में कुछ लोगों के जबरन हस्ताक्षर करवा लिए गए।
इसके खिलाफ उन्होंने जिला सहकारी सभाएं कार्यालय बिलासपुर में शिकायत दर्ज करवाई थी कि इन चुनावों की जांच कर पुन: चुनाव करवाए जाएं। शिकायत मिलने के बाद जिला अंकेक्षण अधिकारी की ओर से सभा के लगभग दो दर्जन लोगों के ब्यान कलमबंद भी कर लिए गए जिनकी प्रतिलिपि अंकेक्षण अधिकारी ने सभा सचिव व प्रधान को दे दी है जो कि तर्कसंगत नहीं हैं। उन्होंने विधायक से इसकी जांच कर पुन: चुनाव कराए जाने की मांग की है।
उल्लेखनीय है कि सभा में साढ़े तीन पंचायतों के 1800 सदस्य हैं और 9 वार्डों के लिए 9 सदस्यों का चुनाव किया गया। बाद में राजकुमार कौशल को सभा का प्रधान दूसरी बार नियुक्त कर लिया गया। इसकी शिकायत सभा के सदस्यों कै. तरसेम सिंह, कुलदीप सिंह, सुखदेव मिन्हास, राजेश मेहता, सुरेश सेन, राजकुमार, कर्म सिंह सहित अन्य लोगों ने जिला सहकारी सभाएं बिलासपुर को कर दी थी। सभा के सदस्यों सुखदेव सिंह, तरसेम सिंह, धर्म पाल, प्रकाश चंद, प्रीतम सिंह, कुलदीप सिंह, केवल कुमार, राकेश कुमार, प्रताप सिंह, बलबीर सिंह, लेखराम, कृष्णु राम सहित लगभग दो दर्जन लोगों के ब्यान कलम बंद किए गए जिसमें उन्होंने कहा है कि सचिव ने असंवैधानिक तरीके से चुनाव करवाए हैं जिनको रद्द किया जाए। किसी भी व्यक्ति को चुनाव की सूचना तक नहीं दी गई। कार्यालय के बाहर सूचना पट्ट पर नोटिस लगाया गया वो भी चुनाव करवाने के बाद।
उन्होंने सरकार से मांग की है कि सचिव की ओर से इस संवैधानिक प्रक्रिया का मजाक बना दिया है उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाए। चुनावों को असंवैधानिक घोषित करने के बाद तुरंत चुनाव करवाए जाएं ताकि सभा के सभी सदस्य उसमें भाग ले सकें। इस संदर्भ में जब वर्तमान सभा के प्रधान राजकुमार कौशल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि चुनाव संवैधानिक रूप से करवाया गया है।