अतिक्रमण हटाने के विरोध में काली पट्टियां मुंह पर बांधे हुए भाखड़ा विस्थापित।
- फोटो : BILASPUR
बिलासपुर। शहर में अवैध कब्जा धारकों के खिलाफ होने वाली कार्रवाई सोमवार को नहीं हो पाई। हालांकि कब्जों को हटाने के लिए प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली थीं। एक दिन पहले से ही शहर में अतिरिक्त पुलिस जवान तैनात थे। दूसरे जिलों के भी पुलिस मौके पर बुलाई गई थी लेकिन कब्जे हटाने पर कार्रवाई करने की प्रशासन की सभी योजनाएं धरी की धरी रह गईं। हालांकि दिन भर प्रशासन की बैठकें चली रहीं।
उल्लेखनीय है कि हाई कोर्ट के आदेश के बाद बिलासपुर शहर में हुए अवैध निर्माण को प्रशासन द्वारा सोमवार को हटाया जाना था। पहले दिन प्रशासन ने कुल पांच कब्जों को हटाने की योजना बनाई थी। इसके लिए जेसीबी सहित मजदूर भी नगर परिषद के कार्यालय पहुंच चुके थे लेकिन तमाम तामझाम के बाद भी प्रशासन सोमवार को कब्जे हटाने में पूरी तरह से नाकाम रहा। प्रशासन को पहले चरण में करीब तीन दर्जन कब्जों को हटाना है।
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खबर लिखे जाने तक बैठक है जारी
खबर जिले जाने तक जिला प्रशासन की बैठक जारी है। कब्जा धारकों पर किस प्रकार से कार्रवाई की जाए इस पर जिला प्रशासन आगे की रूप रेखा बना रहा है। हालांकि इस संबंध में किसी भी अधिकारी को मीडिया से बात करने पर रोक लगा रखी है। बाकायदा इसके लिए सभी अधिकारियों -कर्मचारियों को शपथ भी दिलाई गई है।
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दो जनवरी से पहले कब्जे हटाने के हाईकोर्ट ने दिए हैं आदेश
प्रदेश हाई कोर्ट ने शहर से अवैध कब्जों को हटाने के लिए दो जनवरी से पहले का समय दिया है। दो जनवरी को जिला प्रशासन को कोर्ट में बताना होगा कि कितने कब्जे हटाने हैं और नहीं हटाए गए तो क्यों नहीं हटाए गए। वहीं हाईकोर्ट आदेशों की अनुपालना न करने पर अब अधिकारियों पर भी कार्रवाई कर सकता है।
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विस्थापितों ने काले बिल्ले बांध कर किया विरोध
वहीं सुबह से ही भाखड़ा विस्थापित छात्र स्कूल के ग्राउंड में अपने मुंह पर काले रंग के बिल्ले बांध कर शांतिपूर्वक रूप से विरोध कर रहे थे। विस्थापितों ने सरकार से मांग की है कि वह लोग पहले भी देश के लिए उजड़े हैं। अब उन पर इस प्रकार की कार्रवाई न की जाए और विस्थापितों के हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार इस पर कार्रवाई करें।