बिलासपुर। करलोटी ग्राम सेवा सहकारी सभा सीमित पपलाह में साल 2009 से 2018 तक हुए 6.5 करोड़ रुपये के कथित गोलमाल के मामले में संघर्ष समिति गुग्गा मोहड़ा के प्रधान कुलदीप सिंह मनकोटिया की अध्यक्षता में ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सहायक पंजीयक सहकारी सभाएं बिलासपुर रमेश शर्मा को ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें बताया कि 7 दिसंबर 2018 को इस मामले में जिला निरीक्षक ने अपना जो फैसला सुनाया था उसमें ब्याज की 1 करोड़ 69 लाख 59 हजार 862 रुपये की राशि के साथ कुल 8 करोड़ 12 लाख 58 हजार 483 रुपये की रिकवरी तत्कालीन सचिव की माता व पत्नी की संपत्ति से करने की बात कही थी। इस निर्णय में जिला निरीक्षक ने तत्कालीन प्रबंध समितियों को भी दोषी माना था और हर वर्ष सभा का ऑडिट करने वाले ऑडिटरों को भी यह कहते हुए दोषी माना था कि यदि ऑडिटरों ने ऑडिट नोट में बकाया मियादी अमानतों की सूचियों का मिलान किया होता तो इस गोलमाल का पहले ही पता लग जाना था।
प्रतिनिधिमंडल ने एआरओ से कहा कि जिला निरीक्षक के फैसले में ऑडिटरों व तत्कालीन प्रबंध समितियों को दोषी तो माना है लेकिन उनके ऊपर कोई भी कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि ऑडिटर व तत्कालीन प्रबंध समितियों पर भी नियमानुसार कार्रवाई की जाए। इस प्रतिनिधिमंडल में श्याम लाल धीमान, नंद लाल धीमान, जगदीश ठाकुर, सोमनाथ, कृष्णु राम, राम लाल धीमान व राकेश कुमार शामिल रहे।
वहीं इस बारे में जिला सहायक पंजीयक सहकारी सभाएं रमेश कुमार ने इस प्रतिनिधिमंडल को बताया कि वर्ष 2009 से लेकर वर्ष 2018 तक की इस सहकारी सभा की जो भी प्रबंध समितियां रही हैं उनकी भूमिका की जांच की जा रही है। इसके लिए निरीक्षक राकेश कुमार को जांच अधिकारी नियुक्त किया जा चुका है। इस मामले में सारी रिपोर्ट बनाकर हिमाचल प्रदेश सहकारी सभाओं के पंजीयक कार्यालय शिमला को भेजी जा चुकी है।