बिलासपुर। रघुनाथपुरा पंचायत में स्थित बिरोजा और तारपीन फैक्टरी आसपास के गांव के लिए परेशानी का कारण बन चुकी है। फैक्टरी से भारी मात्रा में निकलने वाला धुआं आसपास के गांव में प्रदूषण फैला रहा है। इसका सबसे अधिक असर फैक्टरी के 100 मीटर के दायरे में बसे खसरा और समौला गांव के लोगों पर पड़ रहा है। साथ के गांव में हालत ऐसी है कि छोटे-छोटे बच्चों को भी त्वचा रोग की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हालांकि लोगों ने इस संबंध में कई बार संबंधित अधिकारियों को भी शिकायत की लेकिन इसके बाद भी समस्या का कोई समाधान नहीं हो पाया। लोगों का कहना है कि फैक्टरी सुबह 6 बजे से ही धुआं छोड़ने लग जाती है जो सिलसिला देर शाम तक चलता रहता है। पिछले कई सालों से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी दौरे पर आए लेकिन आज तक किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो पाया। लोगों का कहना है कि रात को अगर घर के कपड़े गलती से बाहर रह जाएं तो सुबह तक वे काले हो जाते हैं।
वहीं बिरोजा निकालने पर बहुत ही जहरीला व चिपचिपा पदार्थ निकलता है। कई सालों से वहां के टैंक भर चुके हैं जिससे वहां का सारा अपशिष्ट पदार्थ सीधे नदी में चला जाता है जिससे जल प्रदूषण भी फैल रहा है। हेमचंद, ललित, रवि, राहुल, कार्तिक, चंद्रकांत, संजीव, सुनील, अंकुर, अंकित, विवेक, अजय, अभिषेक और रमेश आदि का कहना है कि प्रशासन इस समस्या की ओर ध्यान दे और उचित जांच बैठा कर बिरोजा फैक्टरी के प्रदूषण स्तर की जांच करवाई जाए।
लोगों का कहना है कि कई बार कहने पर भी वह धुआं छोड़ने से परहेज नहीं करते। गांव के बुजुर्गों को सांस लेने में और युवाओं को एलर्जी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। फैक्टरी के पदाधिकारी को कई बार कहने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। फैक्टरी में धुआं निकालने के लिए लगाए गए खंभों की ऊंचाई बहुत ही कम है जिसके कारण ज्यादातर धुआं समौला गांव में ही आ जाता है। जरा सी हवा चलने पर गांव में धुआं व गंदी बदबू फैल जाती है।
बिरोजा फैक्ट्री की महाप्रबंधक नीना कुमारी से जब इसके बारे में बात की गई तो उन्होंने इस संबंध में जानकारी देने से साफ मना कर दिया। उन्होंने कहा कि फोन पर वह किसी प्रकार की कोई जानकारी नहीं देंगी।