दरकती पहाड़ी दे रही हादसों को न्योता
प्रशासन और संबंधित विभाग नहीं ले रहे सुध
ग्रामीणों ने ब्लैक स्पॉट की तकनीकी जांच करने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं( बिलासपुर )। घुमारवीं-सरकाघाट सड़क पर जगह-जगह पड़ीं दरारें और दरकती पहाड़ी इन दिनों हादसों को न्योता दे रही है। प्रशासन और संबंधित विभाग की ओर से दरकती पहाड़ी को समय रहते दुरूस्त न करना लोगों के लिए खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार और संबंधित विभाग से ब्लैक स्पॉट की जल्द तकनीकी जांच करने की उठाई है ताकि लोगों को अपनी जान न गंवानी पड़े।
घुमारवीं सरकाघाट सड़क पर ऐसे कई स्थान हैं जो किसी भी वक्त बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। इन्हीं में से एक खतरनाक ब्लैक स्पॉट पनियाला के पास बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उक्त स्थान 2023 की बरसात के बाद से स्थिति लगातार बिगड़ रही है। पहाड़ दरक रहा है सड़क पर गहरे खड्डे और दरारें बन चुकी है। कई जगह तो ऐसा प्रतीत होता है मानो सड़क पर गड्ढे जानबूझकर छोड़े गए हों। उक्त सड़क से गुजरने वाले लोगों के लिए हमेशा भय बना रहता है कि कब कोई पत्थर या पहाड़ का हिस्सा गिर न पड़े। स्थानीय लोग कई बार प्रशासन को अवगत करा चुके हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। भल्लू पुल के पास हुए हादसे में भी यही लापरवाही देखने को मिली थी। जहां पहले से चेतावनी दी गई थी कि कभी भी हादसा हो सकता है ,फिर भी विभाग ने कोई ध्यान नहीं दिया और 16 निर्दोष लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी।
लोगों का कहना है कि प्रशासन हर हादसे के बाद केवल संवेदनाएं व्यक्त करने और जांच के आदेश देने तक ही सीमित रह गया है। जमीनी स्तर पर सुधार या स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा। ब्लैक स्पॉट आने वाले दिनों में किसी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकता है। लोगों ने प्रशासन से मांग है कि इस ब्लैक स्पॉट की तुरंत तकनीकी जांच करवाई जाएं। सड़क की मरम्मत और पहाड़ी की सुरक्षा के पुख्ता उपाय किए जाएं ताकि लोगों की जान बचाई जा सके। हादसों के बाद संवेदना नहीं, बल्कि पहले से सुरक्षा कदम उठाना ही असली जिम्मेदारी होगी।
कोट
सड़क की मरम्मत को लेकर टेंडर प्रक्रिया को शुरू कर दिया है और जल्द ही काम शुरू कर दिया जाएगा। जिसमें सड़क के जितने भी गड्ढे पड़े हैं उन्हें भी भर दिया जाएगा। जहां पर रिटेनिंग वॉल और डंगे लगाने का कार्य होगा उसे भी जल्द ही पूरा कर दिया जाएगा।
अनुज पराशर, सहायक अभियंता, पीडब्ल्यूडी, घुमारवीं