बरठीं (बिलासपुर)। विकास खंड झंडूता के तहत तलाई ग्राम सेवा सहकारी सभा में हुए करोड़ों रुपये के घोटाले ने नया मोड़ ले लिया है। सभा के पूर्व सदस्यों ने विभाग और सभा के कर्मचारियों को कटघरे में खड़ा कर दिया है। प्रशासन से इनको गिरफ्तार करने की मांग एक पत्र के माध्यम से कर दी है। सभा के पूर्व सदस्यों ने सबूतों के साथ तलाई थाना को शिकायत भेजी है।
सभा के पूर्व सदस्यों देवराज, पवन कुमार, अश्वनी कुमार, सुशील कुमार, रोशन लाल, महेंद्र सिंह, नरेश कुमार, पृथी चंद, शरवण सिंह व राकेश कुमार ने कहा कि 2009 से 2017 तक हुए गलत कार्यों और ऑडिटों का समय-समय पर सहकारिता विभाग ने निरीक्षण नियमों को ताक पर रखकर किया। गबन के साक्ष्य छुपाने पर सचिव, सह सचिव, सभा कर्मचारियों, सहकारी विभाग के ऑडिटरों, निरीक्षक व सहायक पंजीयक अधिकारियों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया जाए। थाना प्रभारी तलाई को लिखे अपने पत्र में उन्होंने बताया कि जब निरीक्षण के दौरान विभाग को गड़बड़ी की आशंका नजर आई तो उसी समय यदि उसको रोक लिया जाता तो शायद आज यह घपला करोड़ों में न पहुंचता। सभा के लगभग दस हजार लोगों के खून पसीने की कमाई बच जाती।
उन्होंने आरोप लगाया है कि सभा के सचिव सहित विभाग के अधिकारी स्वयं बैंकर के रूप में कार्य कर रहे थे। किसानों को चक्रवृद्धि ब्याज पर ऋण देकर उनकी रीढ़ की हड्डी ही तोड़ डाली थी। नियमों की उल्लंघना कर अपने क्षेत्र के बाहर ऋण दिया गया। सचिव ने अपने कर्मचारियों व विभागीय अधिकारियों से मिलकर करोड़ों के ऋण बिना कागजात के दिए। इसी प्रकार के अन्य कई ऐसे मामले हैं जो 2009 से 2017 तक किए गए। लेकिन ऑडिट में धांधलियों को उजागर न कर छुपाया गया। इसकी भनक कमेटी को भी लगने नहीं दी गई। सभा के पूर्व सदस्यों ने थाना प्रभारी को पत्र के माध्यम से शिकायत प्रेषित कर दी है कि उन सभी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर गिरफ्तार किया जाए।
उधर, तलाई थाना प्रभारी कर्म सिंह ने बताया कि अभी तक शिकायत पत्र नहीं पहुंचा है। शिकायत मिलने पर सभा के पूर्व सदस्यों की ओर से भेजे गए सबूतों के आधार पर करवाई की जाएगी।