बिलासपुर। मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर डॉ. प्रकाश दड़ोच ने बताया कि कोविड-19 के अंतर्गत सरकार के आदेशों के अनुसार स्वास्थ्य विभाग बिलासपुर जिला में घर-घर का सर्वेक्षण एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान कार्य 3 से 10 अप्रैल तक चलाया गया। जिसमें 4 लाख 11 हजार 736 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। इस दौरान कई लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। जबकि 121 लोगों को होम क्वारंटीन में रखा गया था। जिनकी अवधि अब पूरी हो चुकी है।
सीएमओ ने बताया कि कोरोना एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान के तहत आशा वर्कर, आंगनबाड़ी और हेल्थ वर्करों ने 840 लोगों को मौसमी बुखार खांसी और जुखाम के लिए चिह्नित किया और इन्हें 5 दिन के लिए दवाई दी गई।
उन्होंने बताया कि अभी तक 569 लोग स्वास्थ्य हो चुके हैं और 271 लोगों का उपचार चल रहा है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा 149 व्यक्ति विदेश से आए हैं। जिनमें से 121 लोगों ने होम क्वारंटीन की अवधि पूरी कर ली है तथा 28 लोग अभी भी होम क्वारंटीन में है। उन्होंने बताया कि जिला से 21 लोगों के सैंपल कोविड-19 की जांच के लिए आईजीएमसी शिमला भेजे गए थे। वह सभी सैंपल नेगेटिव आए हैं।
उन्होंने बताया कि पहचान बताने पर कारोना वायरस के नियंत्रण में मदद मिलेगी और इसको फैलने से रोका जा सकेगा और इस बिमारी से देश, प्रदेश व बिलासपुर को बचाया जा सकेगा। कोरोना वायरस (कोविड-19) के बारे में सभी को पूर्ण ज्ञान होना बहुत जरूरी है। इसके क्या लक्षण हैं, इसके बचाव के लिए हमें क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए।
उन्होंने बताया कि कोराना वायरस के संक्रमण के दौरान बिना चिकित्सक के परामर्श से दवा न लें, इस्तेमाल किए हुए नैपकिन या टिशू पेपर खुले में न फेंके, खुले में रखी किसी चीज का स्पर्श न करें और न ही किसी चीज को अनावश्यक हाथ लगाएं। कहा कि जानवरों के संपर्क में आने से बचें। सार्वजनिक कार्यक्रमों में भाग लेने से बचें। अनावश्यक घर से बाहर न निकलें। अस्पतालों में बहुत ही जरुरी होने पर जाएं। अनावश्यक भीड़ न करें। अफवाहों पर विश्वास न करें और न ही अफ वाहें फैलाएं। उन्होंने बताया कि अधिक जानकारी के लिए निशुल्क हेल्पलाइन नंबर 104 पर संपर्क करें।