चैत्र मेले में बाबा बालक नाथ की तपोभूमि शाहतलाई में दर्शन करने आए श्रद्धालु।
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शाहतलाई (बिलासपुर)। उत्तर भारत के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल एवं बाबा बालक नाथ की तपोभूमि शाहतलाई में चैत्र मेलों पर कोरोना का असर देखने को मिल रहा है। कम संख्या में श्रद्धालु बाबा के दरबार में पहुंच रहे हैं। इससे दुकानदार मायूस हैं। करीब 400 दुकानदारों पर रोजी-रोटी का संकट मंडरा गया है।
चैत्र मास में बाबा बालक नाथ की तपोस्थली शाहतलाई में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली औँर विदेशों से लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। शाहतलाई में सुबह और शाम की आरती में शामिल होते हैं। लेकिन कोरोना महामारी के चलते कम संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। इक्का-दुक्का श्रद्धालु ही बाबा के दरबार में आ रहे हैं। मंदिर के कपाट अब 24 घंटे की जगह सुबह 5 से रात 9 बजे तक ही खोले जा रहे हैं।
दुकानदारों सुशील शर्मा, चमन लाल, योगराज, ईश्वर दास, कमल कुमार, कोमल सोनी, कृष्ण सोनी, किशोरी लाल, राकेश कुमार का कहना है कि 14 मार्च से चैत्र मेले शुरू हुए हैं। दुकानदारों का कहना है की मंदिरों के कपाट खुले हैं, लेकिन कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते श्रद्धालु नहीं आ रहे हैं। उधर, मंदिर न्यासी विजय कुमार शर्मा ने श्रद्धालुओं ने अपील की है कि अफवाहों पर विश्वास न करें। मंदिरों के कपाट खुले हैं। सरकार की गाइड लाइन को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं को मास्क पहनने और सामाजिक दूरी बनाए रखने की हिदायत है। नो मास्क और नो सर्विस की नीति का भी पालन करना होगा।