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Bilaspur News: 900 ग्राम चरस तस्करी मामले में दोषी करार,पांच साल कैद

Wed, 24 Jun 2026 11:56 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
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अदालत से
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घुमारवीं की विशेष अदालत ने सुनाया फैसला, 25 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया
याधीश ने कहा कि नशीले पदार्थों की तस्करी समाज के लिए गंभीर खतरा
-23 दिसंबर 2020 को धवाल क्षेत्र में कार से बरामद हुई थी चरस

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। करीब साढ़े पांच साल पुराने चरस तस्करी मामले में अदालत ने फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश डॉ. मोहित बंसल की अदालत ने हेमेंद्र सिंह चौहान को दोषी करार दिया। उसे पांच वर्ष का कठोर कारावास और 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
जुर्माना अदा न करने पर आरोपी को तीन माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अदालत ने हेमेंद्र को एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी)(ii)(बी) के तहत दोषी ठहराया। हालांकि, उसे धारा 25 के आरोप से बरी कर दिया गया। यह घटना 23 दिसंबर 2020 की रात करीब 1:40 बजे की है। पुलिस टीम धवाल में गश्त कर रही थी। उन्होंने तरेड़ की ओर से आ रही एक मारुति कार को रोका। चालक पुलिस को देखकर घबरा गया, जिससे संदेह हुआ। तलाशी में चालक सीट के नीचे से एक कैरी बैग में चरस मिली। मौके पर इसका वजन 900 ग्राम पाया गया। फॉरेंसिक जांच में इसका वास्तविक वजन 862.068 ग्राम निकला।
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बचाव पक्ष ने स्वतंत्र गवाह न होने पर सवाल उठाया था। अदालत ने माना कि घटना रात में सुनसान जगह पर हुई थी। पुलिस ने गवाह तलाशने का प्रयास किया पर कोई नहीं मिला। केवल पुलिस कर्मचारियों के गवाह होने से मामला कमजोर नहीं होता। आरोपी को झूठा फंसाने का दावा भी अदालत ने खारिज किया।
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बरामद चरस की सील और नमूना भेजने में देरी पर भी सवाल उठे। अदालत ने कहा कि छेड़छाड़ साबित न होने पर यह दलील मान्य नहीं। जब्त पदार्थ पर पुलिस और न्यायालय की सील सुरक्षित पाई गईं। एफएसएल जुंगा की रिपोर्ट में भी सभी सील सही मिलीं। अदालत ने माना कि आरोपी वाहन चला रहा था और उसी के कब्जे से चरस बरामद हुई। न्यायाधीश ने नशीले पदार्थों की तस्करी को समाज के लिए गंभीर खतरा बताया।
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