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Bilaspur News: टेंडर निरस्त होने के बाद ठेकेदारों का धरना समाप्त

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- घुमारवीं में ठेकेदारों ने विभाग के खिलाफ की नारेबाजी
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-चार दिन से प्रदर्शन कर रहे थे ठेकेदार

संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। उप मंडल घुमारवीं के तहत लोक निर्माण विभाग डिवीजन घुमारवीं में धांधली के आरोप लगाने वाले भाजपा समर्थित ठेकेदारों का धरना-प्रदर्शन सोमवार को भी जारी रहा। हालांकि विभाग की ओर से टेंडर निरस्त करने के नोटिस के बाद ठेकेदारों ने प्रदर्शन बंद कर दिया।
ठेकेदार सोमवार सुबह 10 बजे लोक निर्माण विभाग कार्यालय के मेन गेट पर धरने पर बैठ गए। ठेकेदारों ने विभाग के खिलाफ नारेबाजी की और जारी किए गए टेंडर को निरस्त करने की मांग पर अड़े रहे। हालांकि कुछ देर बाद विभागीय अधिकारियों की ओर से सभी ठेकेदारों की मांगों को मानते हुए लिखित रूप से टेंडरों को निरस्त करने का नोटिस उपलब्ध करवा दिया। इसके बाद पिछले चार दिन से चल रहा धरना-प्रदर्शन समाप्त हो गया। बताते चलें कि लोक निर्माण विभाग डिवीजन घुमारवीं पर कुछ भाजपा समर्थित ठेकेदारों की ओर से धांधली के आरोप लगाए गए थे। ठेकेदारों का आरोप था कि लोक निर्माण विभाग घुमारवीं भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है और टेंडर प्रक्रिया के लिए विभाग का कांग्रेसीकरण कर दिया गया है। इससे विभाग में भाई भतीजावाद को बढ़ावा मिल रहा है। विभाग की ओर से लिखित रूप से जारी किए गए नोटिस के मिलने के बाद ठेकेदारों का कहना था कि वह पिछले चार दिनों से लगातार विभाग से उन सभी टेंडर को निरस्त करने की मांग करते आ रहे थे, जिनमें उन्होंने अपने चहेते ठेकेदारों को लाभ पहुंचाया था। भाजपा समर्थित ठेकेदारों में नवीन शर्मा, अंजीव चंदेल, संदीप चंदेल, अनीश, नवीन भारद्वाज, नूतन चौहान, मुकेश राव, गोल्डी, नेगी, सतीश, रिंकू, सुरेश, सुभाष, सुधीर, अनिल, चैन सिंह, कुशल, नितिन, शुभम, अजय का कहना था कि घुमारवीं में लोक निर्माण विभाग डिवीजन के तहत कुछ कार्य किए जाने थे। विभाग ने उनके लिए टेंडर आवंटित किए हैं। विभाग के तहत कार्य करने वाले करीब 15 ठेकेदार बीते वीरवार को फॉर्म लेने के लिए कार्यालय पहुंचे, लेकिन संबंधित अधिकारी टालमटोल करने लगे। इसके बाद अधिकारियों का भी बयान आया कि इन कार्यों के लिए शुक्रवार को ही कार्यालय में टेंडर डाल दिए जाएंगे, लेकिन जब शुक्रवार को सभी ठेकेदार लोक निर्माण विभाग कार्यालय पहुंचे तो 11 बजे तक बॉक्स में कोई भी टेंडर नहीं डाला गया था। इसके बाद सभी ठेकेदार इस बात को लेकर उखड़ गए और उन्होंने विभाग के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
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कोट

ठेकेदार जिन टेंडरों को निरस्त करने की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। उन्हें निरस्त कर दिया गया है। इसके लिए जो नोटिस निकल गया है वह भी ठेकेदारों को उपलब्ध करवा दिया गया है।

- सुभाष शर्मा, अधीक्षक, लोक निर्माण विभाग, घुमारवीं
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