बिलासपुर। किरतपुर-नेरचौक फोरलेन की सबसे बड़ी 1800 मीटर लंबी सुरंग (टनल) की समानांतर सुरंग का निर्माण कार्य रविवार से शुरू होगा। इस टनल के निर्माण के लिए 280 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया है। फोरलेन के फेज दो का कार्य कर रही गाबर कंपनी ही इस समानांतर सुरंग का भी निर्माण करेगी।
बताते चलें कि परियोजना की सभी सुरंगों की समानांतर सुरंगों का निर्माण किया जाना है। परियोजना की अन्य चार समानांतर सुरंगों के लिए डीपीआर अवार्ड हो गई है। डीपीआर तैयार होने के बाद इन सुरंगों की टेंडर प्रक्रिया भी पूरी कर दी जाएगी और उनका निर्माण कार्य शुरू होगा। बताते चलें कि उक्त फोरलेन की कैंची मोड़ से भवाणा तक की सभी सुरंग डबल लेन बन रही है। पांच सुरंगों में से चार सुरंग ब्रेक थ्रू हो गई है। जबकि एक सुरंग का निर्माण जारी है।
सुरंग नंबर एक कैंची मोड़ में हैं, इसकी लंबाई 1800 मीटर है। इसके दोनों छोर मिल चुके हैं। सुरंग नंबर दो बाघछाल में हैं, इसकी लंबाई 465 मीटर है। इसका 35 मीटर का निर्माण कार्य शेष है। सुरंग नंबर तीन तुन्नु में है, इसकी लंबाई 550 मीटर है। इसे ब्रेक थ्रू किया जा चुका है।
सुरंग नंबर चार टीहरा में है इसकी लंबाई 1,265 मीटर है, जो वीरवार को ब्रेक थ्रू हो गई। सुरंग नंबर पांच भवाणा सुंदरनगर में है इसकी लंबाई 740 मीटर है। यह भी ब्रेक थ्रू हो चुकी है।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने पांच सुरंगों के डबल लेन के टेंडर जारी किए थे। वहीं अब समानांतर सुरंगों को बनाने के लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है। डबल लेन सुरंग बनने से भविष्य में फोरलेन शुरू होने से इन सुरंगों के पास ट्रैफिक जाम की समस्या रहेगी। वहीं इसके समानांतर सुरंग बनने से ट्रैफिक व्यवस्था सुचारु रहेगी। गाबर कंपनी के अधिकारी राजेश मुरगई ने कहा कि परियोजना में कैंची मोड़ की समानांतर सुरंग बनाने के लिए 280 करोड़ रुपये से इसका निर्माण होना है। टेंडर नोटिस पर डेट आ गई है और इसका निर्माण कार्य रविवार को शुरू होगा।