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संस्थानों को बंद करने से नहीं भरा कांग्रेस सरकार का मन : त्रिलोक

Wed, 14 May 2025 11:34 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
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अब बिलासपुर आईटीआई पर जड़ा ताला, एजुकेशन के लिए मजबूर हुई लड़कियां
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अपने फैसले पर पुनर्विचार करके उसे रद्द करे सरकार

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। सदर के विधायक त्रिलोक जमवाल ने विभिन्न संस्थानों पर तालाबंदी को लेकर प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने के बाद से सरकारी संस्थानों को लगातार बंद करती आ रही कांग्रेस सरकार का दिल अभी तक भी नहीं भरा है। अब बिलासपुर में वर्ष 1983 में स्थापित महिला आईटीआई पर भी इस सरकार की वक्र दृष्टि पड़ गई है, जबकि यह उससे भी डेढ़-दो दशक पहले से रूरल आईटीआई के नाम से चल रही थी। उसे बिलासपुर आईटीआई में मर्ज करने का फैसला लेकर सरकार ने एक बार फिर से जाहिर कर दिया है कि उसे बच्चों या आम जनता के हितों की कोई चिंता नहीं है।
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त्रिलोक जमवाल ने कहा कि वर्ष 1983 में तकनीकी शिक्षा विभाग के अस्तित्व में आने के बाद जिला मुख्यालय में दो आईटीआई स्थापित की गई थीं, जिनमें से एक महिला आईटीआई थी। इसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए उन्हें अलग से तकनीकी शिक्षा उपलब्ध करवाना था। हालांकि उसके डेढ़-दो दशक पहले से यह रूरल आईटीआई के नाम से महिलाओं के लिए विशेष तौर पर चलाई जा रही थी। दिसंबर 2022 में सत्ता में आते ही कांग्रेस ने पूर्व भाजपा सरकार के समय जनहित में खोले गए हजारों संस्थानों पर ताले लगा दिए और तालाबंदी का यह सिलसिला अभी तक भी जारी है। इसी कड़ी में अब बिलासपुर की महिला आईटीआई को दूसरी आईटीआई में मर्ज करने का फैसला लिया गया है, जो केबिनेट से मंजूर भी हो चुका है। सरकारी और प्राईवेट सेक्टर में ऐसी कई आईटीआई पहले से चल रही हैं, जहां को-एजुकेशन की व्यवस्था है। यदि महिला आईटीआई की प्रशिक्षु को-एजुकेशन चाहती हों, तो वे उन दूसरी आईटीआई में दाखिला ले सकती हैं। महिला आईटीआई को दूसरी आईटीआई में मर्ज करके महिलाओं को को-एजुकेशन के लिए मजबूर करना इस सरकार के व्यवस्था परिवर्तन का एक और उदाहरण है। इससे आने वाले समय में बिलासपुर आईटीआई में प्रशिक्षुओं की संख्या में कमी होना तय है और यह सरकार संख्या के आधार पर कई पदों को युक्तिकरण के नाम पर खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। बेहतर होगा कि कांग्रेस सरकार अपने फैसले पर पुनर्विचार करके उसे रद्द करे।
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