उपायुक्त ने चिट्टा समेत नशीले पदार्थों से बचाव के लिए विद्यार्थियों को जागरूक करने के दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। बचत भवन में सोमवार को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सौजन्य से नशामुक्त भारत अभियान-2.0 के तहत जिला स्तरीय समिति की बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता उपायुक्त राहुल कुमार ने की। उन्होंने अधिकारियों को जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे जागरूकता अभियान को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।उपायुक्त ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को शैक्षणिक संस्थानों में चिट्टा समेत अन्य नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों को लेकर विद्यार्थियों को नियमित जागरूक करने के निर्देश दिए। स्कूलों में नशे से जुड़े विषयों पर चर्चा और जागरूकता गतिविधियां बढ़ाने को कहा, ताकि विद्यार्थी नशे के दुष्परिणामों को समझ सकें। उन्होंने खंड विकास अधिकारियों को नशे की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों और रेड जोन वाली पंचायतों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। इन क्षेत्रों में पंचायत प्रतिनिधियों, युवा क्लबों, महिला समूहों, स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय लोगों की भागीदारी से जागरूकता गतिविधियां बढ़ाने को कहा। बैठक में बताया गया कि नशामुक्त भारत अभियान के तहत जिले में अब तक 2,30,321 लोगों तक जागरूकता पहुंचाई गई है। इनमें 1,26,676 युवा और 1,03,645 महिलाएं शामिल हैं। जिले के 279 शैक्षणिक संस्थानों में जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गई हैं। इसके अलावा 1,259 गतिविधियों में 112 युवा क्लबों और 150 महिला एवं स्वयं सहायता समूहों ने भाग लिया। अभियान के तहत 1,116 मीडिया अभियान, 88,810 ई-शपथ और 3,193 ऑफलाइन शपथ भी करवाई गई हैं। जिले में 50 मास्टर वॉलंटियर्स अभियान को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। रैलियां, मैराथन, वॉकाथॉन, रंगोली, पोस्टर निर्माण, भाषण प्रतियोगिता, नुक्कड़ नाटक, शपथ कार्यक्रम, जाम सेशन, अंतर पीढ़ी संवाद, सेल्फी प्वाइंट, क्विज और कविता जैसी गतिविधियां भी आयोजित की गई हैं। पुलिस विभाग की नशे के खिलाफ छापामारी और जब्ती की कार्रवाई को भी अभियान से जोड़ा गया है।
उपचार के बाद रोजगार से जोड़ने पर जोर
उपायुक्त ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग को नशा मुक्ति केंद्रों में उपचार के लिए आने वाले युवाओं के पुनर्वास पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा कि उपचार के बाद युवाओं को कौशल और व्यावसायिक प्रशिक्षण से जोड़ा जाए। साथ ही उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी जाए, ताकि नशे की लत से बाहर निकल चुके युवा समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें।