भूस्खलन से कई जगह सड़क हुई तंग, इलेक्ट्रिक बसों समेत निजी वाहनों की आवाजाही बनी चुनौती
विभिन्न पंचायतों के प्रतिनिधियों ने समस्या का मांगा स्थायी समाधान
संवाद न्यूज एजेंसी
स्वारघाट (बिलासपुर)। पिछली बरसात में भारी बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुई कैंची मोड़-श्री नयना देवी जी सड़क की हालत एक साल से अधिक समय बीतने के बाद भी नहीं सुधर पाई है। सड़क पर कई स्थानों पर भूस्खलन से रास्ता बेहद तंग हो गया है। ऐसे में वाहन चालकों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है।
सबसे अधिक परेशानी भूस्खलन वाले संकरे स्थानों पर हो रही है। यहां से सरकार की नई इलेक्ट्रिक बसों को निकालना भी चुनौती बन गया है। कई बार चालकों को मजबूरी में बसों को सड़क पर ही रोकना पड़ता है। निजी बस चालक भी जोखिम उठाकर इन खतरनाक स्थानों को पार करने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क क्षतिग्रस्त होने के बाद इसकी स्थायी मरम्मत समय रहते की जानी चाहिए थी, लेकिन एक साल से अधिक समय बीतने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। अब बरसात का मौसम आने से भूस्खलन वाले स्थानों पर खतरा और बढ़ गया है।
इस मार्ग पर सूलियां के पास पिछली बरसात में सड़क में बड़ी-बड़ी चट्टानें गिरी थी, जिन्हें हटाया नहीं गया है। कल्लर के पास पिछली बरसाती में सड़क क्षतिग्रस्त हुई थी। वहीं कैंची मोड़ के पास भी क्षतिग्रस्त सड़क अभी सही नहीं हुई है। ग्राम पंचायत स्वाहन के पूर्व प्रधान प्रेम लाल शर्मा, पूर्व प्रधान दीना नाथ ठाकुर, ग्राम पंचायत री की पूर्व प्रधान कल्पना शर्मा, जगत राम ठाकुर, चंद्र शेखर ठाकुर, रमेश चंद ठाकुर, अनीता देवी, पंचायत समिति सदस्य घवांडल वार्ड कमला देवी, नकारना पंचायत के प्रधान जोगिंद्र सिंह, सलोआ पंचायत की प्रधान मीना कुमारी, रेशमा देवी और भाखड़ा पंचायत की प्रधान सविता देवी ने सरकार और लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि कैंचीमोड़-श्री नयनादेवी जी सड़क की जल्द स्थायी मरम्मत करवाई जाए। उन्होंने कहा कि सड़क को सुरक्षित और यातायात योग्य बनाने के लिए भूस्खलन वाले स्थानों को दुरुस्त करने के साथ आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए जाएं, ताकि यात्रियों और वाहन चालकों को परेशानी न उठानी पड़े।