ग्वालथाई में टाइडल कंपनी के गेट के बाहर प्रदर्शन करते मजदूर।
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स्वारघाट (बिलासपुर )। ग्वालथाई की टाईडल लैब प्राइवेट लिमिटेड की ओर से मजदूरों को निकालने का अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एटक) ने कड़ा विरोध किया है। मंगलवार को जिला एटक के सलाहकार भाग सिंह और तरसूह पंचायत प्रधान विजय शर्मा की अगुवाई में कंपनी के मजदूरों ने गेट के बाहर धरना-प्रदर्शन किया गया।
मजदूरों ने कंपनी को चेतावनी दी कि अगर कंपनी ने निकाले दो मजदूरों को काम पर वापस नहीं बुलाया और उनको लॉकडाउन के समय का वेतन नहीं दिया तो आठ जून को कंपनी के गेट के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा। इसकी जिम्मेवारी कंपनी प्रबंधन और जिला प्रशासन की होगी। यूनियन का कहना है कि टाईडल लैब प्राइवेट लिमिटेड फैक्टरी ग्वालथाई के प्रबंधकों द्वारा कामगारों को लॉकडाउन की आड़ में प्रताड़ित किया गया है। लॉकडाउन के दौरान मजदूरों ने फैक्टरी प्रबंधन और प्रशासन को पत्र दिया था कि फैक्टरी को चलाने के लिए फैक्टरी को सैनिटाइज किया जाए और सावधानियां बरती जाएं। फैक्टरी में कुछ कामगार पंजाब से आते थे जिनके कारण कोई अनहोनी हो सकती थी।
यूनियन ने कहा कि इसके बाद फैक्टरी प्रबंधन ने मजदूरों को परेशान और प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। कंपनी ने मजदूरों को लॉकडाउन के समय का वेतन नहीं दिया। फैक्टरी में कार्यरत प्रदीप कुमार और विक्रम सिंह को बिना किसी कारण नौकरी से निकाल दिया गया। यूनियन ने आरोप लगाया है कि फैक्टरी प्रबंधन कानून को मानने की कोई प्रवाह नहीं करते है। श्रमिकों की समस्याओं का मामला भविष्य निधि आयुक्त शिमला और श्रम समझौता अधिकारी के कार्यालयों में लंबित है। फिर भी कंपनी मजदूरों को प्रताड़ित कर रही है। बिना वजह उन्हें निलंबित किया जा रहा है। यूनियन का कहना है कि इससे पहले भी प्रबंधकों और प्रशासन को पत्र द्वारा अवगत करवाया है लेकिन फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है।