बिलासपुर। सैलानियों के लिए प्रदेश के द्वार खुलते ही रविवार को पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के 37 सैलानियों ने स्वारघाट बैरियर के रास्ते से जिले में प्रवेश किया। इस दौरान बैरियर पर मौजूद पुलिस और प्रशासन सहित स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों ने सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार सैलानियों की प्रवेश प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। इसके बाद उन्हें प्रदेश में दाखिल होने दिया गया। जबकि, स्वारघाट बार्डर पर कुल 973 लोगों को पंजीकृत कर राज्य में प्रवेश की अनुमति दी गई। इनमें 263 लोग बिलासपुर के शामिल हैं।
दरअसल, सैलानियों के लिए हिमाचल प्रदेश की सीमाएं खुलते ही गर्मी से राहत पाने के लिए मैदानी राज्यों के लोगों ने पहाड़ों का रूख करना शुरू कर दिया। लोग कोरोना महामारी के दौरान भी प्रदेश के कु ल्लू और मनाली की तरफ निकल पड़े हैं। ऐसे में प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई एंट्री रजिस्ट्रेशन से भी सैलानियों को काफी राहत मिली है। लोग इस रजिस्ट्रेशन के जरिए आसानी से प्रदेश की सीमा में दाखिल हो रहे हैं। वहीं अगर कोई व्यक्ति बिना रजिस्ट्रेशन के बैरियर पर पहुंच रहा है तो वहां तैनात जिला प्रशासन व अन्य विभागों के कर्मी उनकी मैनुअल एंट्री कर रहे हैं। ताकि किसी को कोई परेशानी न हो।
एसडीएम स्वारघाट सुभाष गौतम ने बताया कि बैरियर पर पहुंचे सैलानियों की 72 घंटे के अंदर की कोरोना रिपोर्ट जांची गई। वहीं सबकी स्कैनिंग करने के बाद उन्हें प्रवेश दिया गया। उन्होंने कहा कि रविवार को स्वारघाट बैरियर से कुल 973 लोगों ने प्रवेश लिया। जिनमें 263 लोग बिलासपुर के थे। वहीं इनमें 37 सैलानी थे और बाकी लोग अन्य जिलों के मज्ञैजूद हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश को कोरोना से सुरक्षित रखने के लिए बैरियर पर तैनात कर्मी सतर्कता के साथ कार्य कर रहे हैं। वहीं प्रदेश में प्रवेश करने वाले किसी व्यक्ति को कोई परेशानी न हो इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है।