छात्राओं की पढ़ाई पर पड़ रहा असर,यातायात सुविधा न होने से छात्राओं को अधिक परेशानी
क्षेत्रवासियों ने सरकार से फैसले पर पुनर्विचार करने को कहा
संवाद न्यूज एजेंसी
स्वारघाट (बिलासपुर)। बिलासपुर और सोलन की सीमा पर बसे स्वारघाट क्षेत्र में कॉलेज बंद होने से आसपास की पंचायतों के युवा उच्च शिक्षा से वंचित हो रहे हैं। श्री नयना देवी जी और नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र की जुखाड़ी, घडयाच, लुनस, साईं चढ़ोग, बाहा, कुंडलू, कुटैहला, री और तंबोल पंचायतों के अलावा नगर पंचायत स्वारघाट के युवाओं को पढ़ाई के लिए बिलासपुर, श्री नयना देवी या नालागढ़ जाना पड़ रहा है। कॉलेज के समय के अनुरूप पर्याप्त यातायात सुविधा नहीं होने से विद्यार्थियों की परेशानी और बढ़ गई है। पूर्व प्रदेश सरकार ने विधानसभा चुनाव से करीब छह माह पहले स्वारघाट में कॉलेज शुरू किया था। पहले ही वर्ष करीब 40 विद्यार्थियों ने दाखिला लिया था। क्षेत्रवासियों का कहना है कि सत्ता परिवर्तन के बाद कॉलेज बंद कर दिया गया। उनका कहना है कि यदि संस्थान में कोई कमी थी तो उसे दूर किया जाना चाहिए था, न कि कॉलेज ही बंद कर दिया जाता। कॉलेज दूर होने और नियमित यातायात सुविधा नहीं होने का सबसे अधिक असर छात्राओं पर पड़ रहा है। अभिभावक अपनी बेटियों को दूरदराज के कॉलेजों में भेजने से कतराते हैं। इसके चलते क्षेत्र की कई छात्राएं 12वीं के बाद उच्च शिक्षा जारी नहीं रख पा रही हैं। युवाओं और स्थानीय लोगों में सरकार के फैसले को लेकर रोष है।
पंचायत प्रतिनिधियों ने उठाई आवाज
1 ग्राम पंचायत कुटैहला की प्रधान कमला देवी ने कहा कि स्वारघाट में कॉलेज नहीं होने से क्षेत्र की युवा पीढ़ी उच्च शिक्षा से वंचित हो रही है। सरकार को कॉलेज में कोई कमी नजर आती थी तो उसे दूर करना चाहिए था।
2 घडयाच पंचायत की प्रधान रीना देवी ने कहा कि कॉलेज बंद होने से क्षेत्र के युवाओं के भविष्य पर असर पड़ा है। खासकर छात्राओं को दूर भेजने में अभिभावकों को परेशानी होती है, जिसके कारण कई लड़कियां 12वीं के बाद पढ़ाई जारी नहीं रख पा रही हैं।
3 ग्राम पंचायत कुटैहला के उपप्रधान गुरदेव शर्मा ने कहा कि कॉलेज शुरू होते ही करीब 40 विद्यार्थियों ने दाखिला लिया था। यदि कॉलेज में कोई कमी थी तो उसे दूर किया जाना चाहिए था।
4 स्थानीय निवासी सुभाष ठाकुर ने कहा कि कॉलेज बंद होने से युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए दूर जाना पड़ रहा है। स्वारघाट से नालागढ़, श्री नयना देवी और बिलासपुर के लिए पर्याप्त यातायात सुविधा भी नहीं है। सरकार को कॉलेज बंद करने के फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए।
रीता देवी
रीता देवी
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