गर्मियों के मौसम में जल जनित रोगों से बचाव के लिए आईपीएच महकमा अभी से अलर्ट हो गया है। गर्मी का मौसम शुरू होने से पहले विभाग ने आईपीएच की तमाम योजनाओं के पेयजल स्रोतों और टैंकों की सफाई के निर्देश जारी कर दिए हैं।
इसके तहत जिला के समस्त कनिष्ठ अभियंताओं को आदेश दिए गए हैं कि एक महीने के भीतर (कनिष्ठ अभियंता) अपने कार्य क्षेत्र में आने वाले पेयजल टैंकों और पेयजल स्रोतों की सफाई करवाएं।
शिमला में पीलिया फैलने के बाद आईपीएच विभाग अलर्ट हो गया है। उच्च अधिकारियों से मिले आदेशों के बाद बीमारी फैलने से पहले ही उसकी रोकथाम को लेकर कदम उठाए जा रहे हैं।
इस कड़ी के तहत आईपीएच विभाग ने समस्त पेयजल टैंकों की सफाई का अभियान छेड़ दिया है। वहीं आईपीएच विभाग के अधिशासी अभियंता ने पेयजल स्रोतों के लिए ब्लीचिंग पाउडर का स्टॉक भी मंगवाया गया है।
इसके साथ ही पानी की जांच के लिए सभी पेयजल योजनाओं के सैंपल भरने के भी आदेश जारी किए हैं। ताकि समय रहते दूषित जल वाले स्रोतों को चिन्हित किया जा सके।
प्राकृतिक जल स्रोतों और बावड़ियों की सफाई के लिए उपायुक्त के माध्यम से सभी बीडीओ से पत्राचार किया गया है। ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में प्राकृतिक जल स्रोतों और बावड़ियों का जल भी स्वच्छ हो सके। प्राकृतिक जल स्रोतों के सैंपल भरने के लिए भी संबंधित विभागों से आग्रह किया गया है।
अस्पताल में क्लोरिन की दी सलाह
आईपीएच विभाग ने स्वास्थ्य विभाग को अस्पताल के पेयजल टैंकों में नियमित रूप से क्लोरिन दवाई डालने की भी सलाह दी है। विभाग के अनुसार अस्पताल में मरीजों की सेहत को देखते हुए पानी को स्वच्छ करने की अधिक जरूरत है। लिहाजा, विभाग को पानी के टैंक में क्लोरिन दवाई के छिड़काव की सलाह दी गई है।
मुफ्त देंगे ब्लीचिंग पाउडर: एसके शर्मा
आईपीएच विभाग के अधिशासी अभियंता एसके शर्मा ने कहा कि जलजनित रोगों को लेकर विभाग अलर्ट हो गया है। सभी टैंकों की सफाई के साथ सभी स्रोतों के सैंपल लेने के आदेश दिए गए हैं। खंड विकास अधिकारियों को भी बावड़ियों की सफाई के बारे में कहा गया है। इसके लिए आईपीएच विभाग डिमांड के अनुसार ब्लीचिंग पाउडर मुफ्त मुहैया करवाएगा।