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Bilaspur News: गैरहाजिरी में खारिज दीवानी वाद फिर होगा शुरू, अदालत ने बहाल किया मुकदमा

Sun, 28 Jun 2026 10:40 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
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तारीख नोट करने में हुई चूक को माना पर्याप्त कारण, वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश ने आदेश किया रद्द
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। घुमारवीं स्थित वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश की अदालत ने एक महत्वपूर्ण आदेश पारित किया है। अदालत ने गैरहाजिरी के कारण खारिज हुए दीवानी वाद को दोबारा बहाल करने का निर्देश दिया है। यह आदेश वादी पक्ष की बहाली अर्जी स्वीकार करते हुए दिया गया।
वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश ने 4 सितंबर 2024 को पारित उस आदेश को निरस्त किया। उस आदेश के तहत वादी और उनके अधिवक्ता की अनुपस्थिति के चलते प्राथमिकी दर्ज खारिज हो गया था। अदालत ने वाद को उसके मूल नंबर पर बहाल करने के निर्देश दिए हैं। वादी पक्ष ने बताया कि अधिवक्ता से अगली तारीख नोट करने में अनजाने में त्रुटि हुई थी। उन्होंने 4 सितंबर 2024 के बजाय 14 सितंबर 2024 तारीख दर्ज कर ली थी। अधिवक्ता 4 सितंबर को न्यायालय में उपस्थित नहीं हो सके क्योंकि वह शहर से बाहर थे। वादी पक्ष ने इसे एक वास्तविक और सद्भावनापूर्ण भूल बताया। उन्होंने न्यायहित में वाद को दोबारा बहाल करने की अपील की थी। प्रतिवादी पक्ष ने इस आवेदन का विरोध किया था। उन्होंने कहा कि 14 सितंबर 2024 को दूसरा शनिवार होने के कारण अवकाश था।
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वादी पक्ष का तर्क
वादी पक्ष ने अपनी अनुपस्थिति को जानबूझकर नहीं बताया। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य न्यायिक प्रक्रिया को टालना नहीं था। यह केवल एक अनजाने में हुई गलती थी। इसलिए न्याय के हित में वाद को बहाल किया जाना चाहिए।
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अदालत का निर्णय
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने मूल रिकॉर्ड देखा। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि विवादों का निस्तारण गुण-दोष पर होना चाहिए। तकनीकी आधार पर मामले खारिज नहीं किए जाने चाहिए। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए वादी पक्ष की बहाली अर्जी स्वीकार की गई। अदालत ने 4 सितंबर 2024 का खारिजी आदेश निरस्त करते हुए वाद बहाल किया। ''राम व अन्य बनाम श्याम लाल व अन्य'' शीर्षक वाद बहाल कर दिया गया। अब दीवानी वाद की सुनवाई नियमित रूप से आगे बढ़ेगी। मामले का निर्णय साक्ष्यों एवं गुण-दोष के आधार पर किया जाएगा।
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