स्वारघाट (बिलासपुर)। जल शक्ति विभाग उपमंडल स्वारघाट के तहत समलेटू उठाऊ पेयजल योजना के तहत जुड़े गांवों में गर्मी के दिनों में तो पेयजल संकट रहता ही है। लेकिन, अब सर्दियों में भी पिछले करीब डेढ़ हफ्ते से ग्रामीणों को पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। हालात यह हो चुके है कि लोगों को मुंह धोने और शौचालयों जाने के लिए भी पानी नहीं मिल रहा है।
धारभरथा के ग्रामीणों सुरेंद्र कुमार, विजेंद्र कुमार, रोहित, शशिपाल, सीता देवी, जगरनाथ, रामपाल आदि ने बताया कि धारभरथा गांव में पिछले करीब डेढ़ सप्ताह से पानी नहीं आ रहा है। इस कारण उन्हें पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। मवेशियों को पिलाने के लिए भी पानी नहीं मिल रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि नलों में पानी न आने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गांव में कोई भी प्राकृतिक जलस्रोत नहीं है और न ही कोई हैंडपंप है।
ग्रामीणों ने बताया कि चाहे गर्मी हो या बरसात या फिर सर्दी साल के 12 महीने गांव में अक्सर पानी की दिक्कत रहती है। सबसे ज्यादा दिक्कत तब होती जब स्कीम की मोटर या पंप में कोई खराबी आ जाती है या फिर बिजली की आपूर्ति नहीं होती। कई-कई दिनों तक गांव में पानी नहीं आता है।
ग्रामीणों का कहना है कि विभाग पुरानी मोटर और पंप को रिपेयर करके ही काम चलाया जा रहा है। जबकि स्कीम में नई मोटर व पंप की जरूरत है। ग्रामीणों ने जल शक्ति विभाग के उच्च अधिकारियों से समस्या का स्थायी हल करने की मांग की है ताकि ग्रामीणों को पानी के लिए दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
ट्रांसफार्मर में खराबी आने से पेयजल आपूर्ति ठप : सुरेश पुरी
जल शक्ति विभाग उपमंडल स्वारघाट के कनिष्ठ अभियंता सुरेश पुरी ने बताया कि करीब पांच दिन पहले सूचना मिली है। समलेटू उठाऊ पेयजल योजना के लिए जिस ट्रांसफार्मर से बिजली की आपूर्ति होती है उसमें कोई तकनीकी खराबी आ गई है। इसके चलते स्कीम से जुड़े गांवों में पानी की आपूर्ति ठप है।