झंडूता (बिलासपुर)। गांव रोहल के बाशिंदों को पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। पिछले कई वर्षों से इन परिवारों को पानी की सप्लाई ठप पड़ी है। लोगों की शिकायतों के बावजूद विभाग उदासीन रवैया अपनाए हुए है। लोगों का कहना है कि उन्हें खड्ड से पानी लाकर अपनी प्यास बुझानी पड़ रही है। ग्रामीण विभाग की कार्यप्रणाली से गुस्से में हैं।
उपमंडल झंडूता से सटे गांव रोहल के निवासी गोकुल चंद, प्रेमलाल जगदीश, कृष्ण, राजीव कुमार और अवतार चंद ने बताया कि पानी की सप्लाई बंद पड़ी है। विभाग ने अगस्त 2020 में विभाग के कर्मचारियों ने पहले से बंद पड़ी पानी की लाइन से कनेक्शन दे दिए। पानी घर तक फिर भी नहीं पहुंच पाया। जब विभाग को इस संबंध में बताया गया तो उन्होंने इस पर कोई भी जवाब नहीं दिया। ग्रामीणों का कहना है कि आईपीएच विभाग झंडूता के चक्कर काटकर परेशान हो गए हैं। जब अधिकारियों ने उनकी कोई बात नहीं सुनी तो मुख्यमंत्री सेवा संकल्प के माध्यम से शिकायत की गई। लेकिन अधिकारियों ने इस शिकायत पर कोई ध्यान नहीं दिया और न ही उस पर कोई कार्रवाई की। मुख्यमंत्री के आदेश के बावजूद ग्रामीणों की समस्या को अनदेखा किया जा रहा है। इस बारे में जेई झंडूता से भी बात की गई तो उन्होंने कहा कि विभाग जल्द ही ग्रामीणों की समस्या को हल करने का प्रयास कर रहा है। लोगों का कहना है कि खड्ड से पानी लाकर अपनी प्यास बुझानी पड़ रही है। यदि विभाग ने जल्द समस्या हल नहीं की तो विभाग के कर्मचारियों का घेराव किया जाएगा। आईपीएच मंत्री महेंद्र सिंह और स्थानीय विधायक जीतराम कटवाल से आग्रह है कि जल्द समस्या का हल किया जाए। पानी की बंद पड़ी सप्लाई को बहाल किया जाए।
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विधायक जेआर कटवाल ने कहा कि उनके विस क्षेत्र में कहीं भी पेयजल की समस्या नहीं है। अभी तक क्षेत्र में 17 हजार नल लगवा चुके हैं, 5 हजार लगने बाकी हैं। इससे आने वाले समय में क्षेत्र में पानी की समस्या नहीं होगी। अगर ऐसा कोई मामला है तो जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को इस बारे में कार्रवाई करने के आदेश जारी करेंगे।