शाहतलाई (बिलासपुर)। कोटधार क्षेत्र की 16 ग्राम पंचायतों में से 11 पंचायतों और तलाई नगर पंचायत में प्रधान पद पर महिलाएं विराजमान होंगी। दो पंचायतों में प्रधान पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। जबकि चार पंचायतों में प्रधान पद अनारक्षित है।
नघ्यार, कोसरियां, भडोलीकलां, कुल्ज्यार, डूडियां, जेजवीं, पपलोआ, धनी, झबोला, दसलेहडा और नगर पंचायत तलाई महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। जबकि कलोल व घराण अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है। जबकि बड़गांव-गलू, सनीहरा, मलराओं व सलबाड अनारक्षित हैं। घराण, भड़ोली कलां, डूडियां, जेजवीं, पपलोहा, धणी, झबोला दूसरी बार आरक्षित हुई है। सनीहरा दूसरी बार अनारक्षित हुआ है। जबकि नगर पंचायत तलाई में लगातार चौथी बार प्रधान पद महिलाओं के लिए अरक्षित है। इतना ही नहीं इन 17 पंचायतों में से मात्र नघ्यार में 33 महिला मतदाता, सनीहरा में 3 महिला मतदाता, दसलेहड़ा में 9 महिला मतदाता व नगर पंचायत तलाई में 37 महिला मतदाता की संख्या पुरुषों से ज्यादा है। जबकि अन्य 14 पंचायतों में पुरुषों की संख्या महिलाओं की अपेक्षा अधिक है। इन 17 पंचायतों में 29106 कुल मतदाता हैं। जबकि पुरुष मतदाताओं की संख्या 14941 है और महिलाओं की संख्या 14224 है।
क्षेत्र की 11 पंचायतें महिलाओं के लिए आरक्षित होने से कई युवाओं की आस पर पानी फिर गया है। युवा इस बार सीट सामान्य के लिए आरक्षित होने की आस लगाए बैठे थे। करीब 2 दर्जन से भी अधिक युवाओं ने जनता के बीच संपर्क बढ़ाकर नब्ज टटोलना शुरू कर दी थी। आरक्षण रोस्टर जारी होते ही युवा निराश हो गए हैं। नगर पंचायत तलाई में अध्यक्ष पद महिला के लिए लगातार चौथी बार आरक्षित हुआ है। 2006 व 2011 अनुसूचित जाति महिला के लिए अरक्षित था। जबकि 2015 में अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित रहा। 2021 के रोस्टर में तलाई नगर पंचायत का अध्यक्ष पद महिला के लिए आरक्षित हो गया है। आरक्षण रोस्टर से निराश होकर अब युवा उपप्रधान पद पर किस्मत आजमाने की तैयार में जुट गए हैं। इस बार उपप्रधान पद के उम्मीदवारों की संख्या अपेक्षा से अधिक हो सकती है। क्षेत्र के युवा अब्दुल खलिक, विपिन कुमार, सुशील कुमार, किशोरी लाल, राजकुमार, रामकृष्ण, देशराज, प्रविंद्र कुमार ने रोस्टर के प्रति रोष जताया है।