बिलासपुर कोर्ट के बाहर अधिवक्ता स्वर्गीय राजेन्द्र कुमार हांडा की मौत की जांच को लेकर क्रमिक धर?
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बिलासपुर। जिला अधिवक्ता संघ बिलासपुर ने वरिष्ठ अधिवक्ता राजेंद्र कुमार हांडा की संदेहास्पद परिस्थितियों में कोविड सेंटर आईजीएमसी शिमला में हुई मौत को लेकर अनिश्चितकालीन शांतिपूर्वक क्रमिक धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। कहा कि जब तक प्रदेश सरकार इस मामले की न्यायिक जांच के आदेश नहीं देती, तब तक यह क्रमिक धरना-प्रदर्शन चलता रहेगा।
जिला अधिवक्ता संघ बिलासपुर के तत्वावधान में इस प्रदर्शन के लिए संघर्ष समिति का गठन किया गया है। अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता दौलत राम शर्मा, संयोजक तेजस्वी शर्मा व भगत सिंह वर्मा, रजनीश शर्मा व पूजा डोगरा को सदस्य नियुक्त किया गया है। जिला अधिवक्ता संघ बिलासपुर के उपाध्यक्ष अधिवक्ता सर्वजीत सिंह ने कहा कि धरना शांतिपूर्वक, क्रमिक और 11 बजे से 2 बजे तक प्रतिदिन रहेगा। संघ की मांग को सरकार के समक्ष प्रभावी तरीके से रखा जाएगा। समिति के अध्यक्ष दौलत राम शर्मा ने कहा कि कोविड सेंटरों में हो रही अनियमितताओं को सरकार गंभीरता से ले और राजेंद्र हांडा की संदेहास्पद मृत्यु पर संज्ञान लेते हुए न्यायिक जांच के आदेश दे।
संयोजक अधिवक्ता तेजस्वी शर्मा ने कहा कि यह संघर्ष सरकार के खिलाफ नहीं बल्कि मुख्यमंत्री व हिमाचल सरकार के समक्ष कोविड सेंटरों में हो रही अनियमितताओं को उजागर करने के लिए है। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते इस विषय को गंभीरता से न देखा तो आगामी समय में इसके गंभीर परिणाम भी हो सकते हैं। पहले दिन पूर्व पार्षद एवं पूर्व अध्यक्ष जिला बार संघ बिलासपुर क्रांति कुमार शर्मा, अधिवक्ता एवं अध्यक्ष पंचायत समिति सदर ब्लॉक बिलासपुर ओम प्रकाश गौतम, श्याम लाल ठाकुर, होशियार सिंह ठाकुर, अधिवक्ता एवं पूर्व अध्यक्ष जिला अधिवक्ता संघ बिलासपुर रणदीप सिंह परमार धरना-प्रदर्शन पर बैठे। इस मौके पर कोविड नियमों का अनुपालन करते हुए करीब 35 अधिवक्ता मौजूद रहे।