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मोरसिंघी पंचायत ने 91 प्रतिशत बजट खर्च कर बनाया रिकॉर्ड

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घुमारवीं (बिलासपुर)। घुमारवीं उपमंडल के तहत 14वें वित्त आयोग का पैसा खर्च करने के मामले में कुछ पंचायतों ने रिकॉर्ड कायम किया है तो कुछ नाममात्र बजट ही खर्च कर पाई हैं। उपमंडल के तहत 45 ग्राम पंचायतें आती हैं। मोरसिंघी पंचायत ने 91 प्रतिशत पैसा खर्च कर रिकॉर्ड बनाया है। वहीं ग्राम पंचायत कोठी 20.46 प्रतिशत पैसा ही खर्च कर पाई है।
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उल्लेखनीय है कि ग्राम पंचायतों में विकास कार्य करवाने के लिए धनराशि मुहैया करवाई जाती है। लेकिन कई पंचायत प्रतिनिधि काम करवाने में रुचि नहीं दिखाते हैं। इससे लोगों को विकासात्मक कार्यों से वंचित रहना पड़ता है। वित्त वर्ष 2015-16 से लेकर 31 मार्च 2020 तक 14वें वित्त आयोग के बजट से कुछ पंचायतों में बहुत कार्य हुए हैं और कुछ विकास कार्यों पर पैसा खर्च नहीं कर पाई हैं।
पांच पंचायतों में हुए ज्यादा काम
ग्राम पंचायत मोरसिंघी ने साल 2015 से 31 मार्च 2020 तक विकास कार्यों पर 91 प्रतिशत पैसा खर्च किया। ग्राम पंचायत ननांवा ने 84 प्रतिशत, ग्राम पंचायत हवाण ने 81 प्रतिशत, ग्राम पंचायत करलोटी ने 78 प्रतिशत, ग्राम पंचायत रोहिण ने 77 प्रतिशत पैसा विकास कार्यों पर खर्च किया है।
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इनसेट
पांच पंचायतों में हुआ बहुत कम पैसा खर्च
ग्राम पंचायत कोठी ने 20.46 प्रतिशत, ग्राम पंचायत कुठेड़ा ने 38.18 प्रतिशत, ग्राम पंचायत हटवाड़ ने 39.72 प्रतिशत, ग्राम पंचायत लहेड़ी सरेल ने 39.76 प्रतिशत, ग्राम पंचायत पंतेहड़ा ने 39.85 प्रतिशत पैसा ही विकास कार्यों पर खर्च किया है।
इनसेट
पैसों का सदुपयोग नहीं किया गया है।
ब्लॉक में पंचायतों के लिए 14वें वित्त आयोग का काफी पैसा आया था। कुछ पंचायतों ने पैसों का सदुपयोग किया है तथा कुछ ऐसी भी पंचायतें है जिन्होंने पैसों को खर्च करने में कंजूसी दिखाई है। घुमारवीं ब्लॉक के तहत जितनी भी पंचायतें आती हैं। सभी को एक सम्मान दृष्टि से देखा गया था। ब्लॉक की ओर से सिर्फ पैसा ही दिया जा सकता था और उस पैसे का उपयोग जनता द्वारा चुने हुए प्रतिनिधियों ने ही जनता के कामों पर खर्च करना था। यह चुने हुए प्रतिनिधियों का दायित्व बनता था।
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जीतराम चौधरी, बीडीओ, घुमारवीं ब्लॉक
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