लोगों को सुनाई गुरु गोविंद सिंह जी के परिवार की गाथा
संवाद न्यूज एजेंसी
श्री नयना देवी जी (बिलासपुर)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मजारी की स्कूल प्रबंधन समिति एवं प्रशासन ने शहीदी सप्ताह के तहत शनिवार को गुरु गोविंद सिंह जी के पूरे परिवार की शहादत की गाथा सुनाते हुए नगर कीर्तन का आयोजन किया। यह कीर्तन विद्यालय प्रांगण से गुरुद्वारा साहिब तक निकाला गया।
समारोह में विद्युत विभाग से सेवानिवृत्त अधीक्षक अभियंता रत्न सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंने सभी को गुरु गोविंद सिंह के पूरे परिवार की शहादत के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दसवें गुरु गोविंद सिंह ने देश और धर्म की रक्षा करने के लिए अपने पिता गुरु तेग बहादुर, साहिब जादे 17 वर्ष के बाबा अजित सिंह, 14 वर्ष के बाबा जुझार सिंह, 9 वर्ष के साहिब जादे जोरावर सिंह, 7 वर्ष के फतेह सिंह सहित माता गुजरी का बलिदान कर दिया। उन्होंने बताया कि विश्व के इतिहास में इस प्रकार के बलिदान की गाथा कहीं दूसरी नहीं है। सिख मानवता का धर्म है। एक ओंकार के अपने सिद्धांत पर चलते हुए पूरी मानव जाति को अपना मानकर सिख धर्म के अनुयायी काम करते आए हैं और इसके लिए खालसा पंथ बना है। आज जो गिरावट मूल्यों में दिखती है इसका कारण धार्मिक शिक्षा का अभाव है जो बच्चों को स्कूल में मिलनी चाहिए। इस अवसर पर प्रधानाचार्य सुरजीत ठाकुर ने बताया कि हमारे पूर्वजों ने हमें एक समृद्ध धरोहर सौंपी है। उसे संभाल कर रखना और उससे प्रेरित होकर काम करना हमारा नैतिक कर्तव्य है। सिख नाम का अर्थ ही सीखना है जो अच्छाई है सदैव उसे ग्रहण करो और बुराई अत्याचार के खिलाफ हमेशा एकजुटता से लड़ो। उन्होंने बताया कि देश धर्म और मानवीय मूल्यों की रक्षा के लिए गुरु वाणी को अपने जीवन में उतारने की आवश्यकता है। अगर हम ऐसा करते हैं तो यही साहिबजादों के श्री चरणों में विनम्रता पूर्ण सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस अवसर पर एसएमसी प्रधान सोहन सिंह, गुरु द्वारा प्रबंधन समिति के मुख्य ग्रंथी बाबा जीवन, समाजसेवी मजिंद्र अटवाल, पंचायत प्रधान, उप प्रधान, उप प्रधानाचार्य राजेश शर्मा, प्रवक्ता नीलम, राजेश, वीना, शीला, गुरदीप, अध्यापक हरप्रीत, रेखा, सतनाम, रेणु, प्रमोद, गोपाल, बलबीर, कुलदीप, दर्शना, शीला, वरिष्ठ सहायक कश्मीर, प्राथमिक विद्यालय शिक्षक राजिंदर और और अन्य उपस्थित रहे।