- चिट्टे की समस्या से लड़ने के लिए प्रशासन और समाज का एक साथ आना जरूरी
- पुलिस प्रशासन की सतर्कता को और अधिक मजबूत व क्रियाशील करना आवश्यक
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। चिट्टा युवा पीड़ी को बर्बाद कर रहा है। इससे निपटने के लिए प्रशासन और समाज का एक साथ आना जरूरी है। घुमारवीं अगेंस्ट चिट्टा अभियान के दौरान टिक्कर में आयोजित कार्यक्रम में यह बात संस्कार संस्था के संस्थापक महेंद्र धर्माणी ने कही। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन की सतर्कता को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता है, ताकि चिट्टा पैडलर पर कानून का शिकंजा सख्ती से कसा जा सके।
धर्माणी ने कहा कि घुमारवीं अगेंस्ट चिट्टा अभियान के तहत मई से चिट्टा के खिलाफ विद्यार्थियों को जागरूक किया जाएगा। घुमारवीं उपमंडल के अंतर्गत सरकारी व निजी सभी विद्यालयों में यह जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के अंतर्गत पेंटिंग, पोस्टर राइटिंग और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं का आयोजन करके संस्था द्वारा स्कूली छात्र–छात्राओं को जागरूक किया जाएगा। बताया कि संस्कार सोसाइटी घुमारवीं द्वारा पंचायतों के माध्यम से गांवों में चले इस अभियान के साथ स्कूलों में इस अभियान को चलाने का निर्णय संस्था द्वारा लिया गया। प्रदेश सरकार और प्रशासन समाचार पत्रों व अन्य माध्यमों से जो आंकड़े दिए जा रहे हैं वह सभी को चिंतित करने वाले हैं। इसलिए इस समस्या के निराकरण, अपनी युवा पीढ़ी को इस जानलेवा नशे से बचाने का युवाओं के साथ–साथ समाज को जागरूक करना एकमात्र तरीका है। महेंद्र धर्माणी ने कहा कि वह घुमारवीं अगेंस्ट चिट्टा अभियान के अंतर्गत पिछले कई माह से गांव–गांव में इस नशे के बारे में लोगों को जागरूक कर रही है। इसके सकारात्मक परिणाम समाज में दिख रहे हैं।