दिव्यांगों की क्षमताओं को पहचान दिलाने वाला मंच है क्विज ज्ञान: डॉ मल्लिका
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। चेतना संस्था की ओर से शुक्रवार को बिलासपुर के बहुउद्देशीय सांस्कृतिक परिसर में क्विजज्ञान का 11वां राज्य स्तरीय फाइनल आयोजित किया गया। इस मौके पर एम्स बिलासपुर के निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल डॉ दलजीत सिंह ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इस अनोखी प्रतियोगिता में श्रवण बाधिता, बौद्धिक अक्षमता सीनियर एवं जूनियर, सेरेब्रल पाल्सी और ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर के विभिन्न वर्गों के दिव्यांग बच्चों ने भाग लिया।
प्रतियोगिता में सबसे पहले श्रवण बधिरता का फाइनल हुआ। इस प्रतियोगिता में एचपीआईसीएसए सुंदरनगर से स्नेहा और गुंजन कुमारी ने पहला और आश्रय स्पेशल स्कूल देहलन से जश्न राणा और सुमाक्ष ठाकुर ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। इसके बाद बौद्धिक अक्षमता के लिए फाइनल हुआ, जिसमें चेतना संस्था हिमाचल से आयुष और नमन पहले और गणपति एजुकेशनल सोसाइटी से चमन लाल और भारत शर्मा दूसरे स्थान पर रहे।
पिछले वर्ष भी चेतना संस्था बिलासपुर के छात्र शुभम कुमार ने क्विज ज्ञान के नेशनल लेवल के फाइनल में भाग लिया था और चौथा स्थान प्राप्त किया था। सेरेब्रल पाल्सी और ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर में आर्मी पब्लिक स्कूल से अक्षिता वर्मा और अनन्या ने पहला और प्रेम आश्रम स्पेशल स्कूल से जिया और विवेक ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। बौद्धिक अक्षमता जूनियर में आर्मी पब्लिक स्कूल से ऋषित राणा और मयंक ने पहला और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला से नेती से अरमान और तरुणा ने दूसरा स्थान प्राप्त किया।
इससे पहले चेतना संस्था की संस्थापिका डॉ मल्लिका नड्डा ने सभी लोगों को स्वागत किया। उन्होंने बताया कि इस प्रतियोगिता में हिमाचल प्रदेश के 9 जिलों के 27 स्कूलों के 340 बच्चों ने प्रारंभिक प्रतियोगिता में भाग लिया, जिसके उपरांत इस फाइनल प्रतियोगिता में 21 स्कूलों के 72 दिव्यांग बच्चों ने भाग लिया। डॉ मल्लिका नड्डा ने कहा कि क्विज ज्ञान सिर्फ एक क्विज नहीं, बल्कि समाज में दिव्यांगों की क्षमताओं को पहचान दिलाने का मंच है। जब हम इन बच्चों को मंच देते हैं, तो वे पूरे देश को अपनी ताकत दिखाते हैं। विशेष अतिथि रूमा बैनर्जी ने बताया कि यह क्विज ज्ञान प्रतियोगिता सबसे पहले 100 बच्चों के साथ शुरू की गई थी। वर्तमान में यह प्रतियोगिता देश के करीब 12 हजार बच्चों के साथ की जा रही है।
इस प्रतियोगिता में प्रश्नों को चित्र, ऑडियो और बहु‑संवेदी प्रारूप में तैयार किया गया था, जिससे सभी वर्गों के छात्रों को समान अवसर मिला। इस प्रतियोगिता के विजेता बच्चे नेशनल फाइनल ग्वालियर में भाग लेंगे। डॉ दलजीत सिंह ने अपने संबोधन में डॉ मल्लिका नड्डा की सकारात्मक सोच व प्रयासों के द्वारा चेतना संस्था की संचालित गतिविधियों की सराहना करते हुए इस क्विजज्ञान प्रतियोगिता के महत्व की सराहना की और अपने अनुभव साझा किए।
मुख्यातिथि ने विजेता टीम को दस हजार और उपविजेता टीम को आठ हजार रुपये की नकद राशि प्रदान की। साथ ही ट्रॉफी, प्रमाणपत्र और गिफ्ट बैग प्रदान किए गए। प्रतियोगिता क्विज मास्टर हिमाद्री बैनर्जी ने पूरी कराई। इस मौके पर चेतना संस्था के अध्यक्ष पुरुषोत्तम शर्मा, सचिव हरीश नड्डा, उपाध्यक्ष मनोज शर्मा, प्रबंधन समिति के सदस्य सुरेश नड्डा, स्वतंत्र संख्यान सहित अन्य मौजूद रहे।