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Bilaspur News: शताब्दी वर्ष पर फासीवाद के खिलाफ संघर्ष का किया आह्वान

Thu, 25 Dec 2025 11:44 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
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भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का 100वां स्थापना दिवस के राज्यस्तरीय कार्यक्रम में मौजूद कामरेड। स्रो
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भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने धूमधाम से मनाया का स्थापना दिवस
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मानवता आधारित सुंदर समाज के निर्माण में पार्टी की भूमिका अहम

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का 100वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत पार्टी ध्वजारोहण से हुई, जिसे वरिष्ठ नेता कामरेड दीवाना राम चौधरी और वासुदेव वसु ने फहराया। वरिष्ठ नेता कामरेड दीवाना राम चौधरी की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में वक्ताओं ने पार्टी के गौरवशाली इतिहास, आजादी के आंदोलन में उसके योगदान और समकालीन चुनौतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का गठन 26 दिसंबर 1925 को कानपुर में हुआ था। आजादी के आंदोलन के दौरान कम्युनिस्टों ने कांग्रेस के भीतर सबसे पहले पूर्ण स्वराज की मांग रखी। पार्टी के गठन के बाद अंग्रेजी हुकूमत ने कम्युनिस्टों पर कानपुर, लाहौर और मेरठ षड्यंत्र जैसे कई मुकदमे दर्ज किए और पार्टी पर प्रतिबंध भी लगाया। अनेक साथियों ने काला पानी जैसी कठोर सजाएं भुगतीं, लेकिन इसके बावजूद पार्टी ने देश की आजादी के लिए असंख्य बलिदान दिए। कहा कि भाषाई आधार पर राज्यों के पुनर्गठन और हिमाचल प्रदेश के निर्माण में भी कम्युनिस्ट पार्टी ने निर्णायक भूमिका निभाई। हमेशा हिंदू-मुस्लिम एकता और सांप्रदायिक सद्भाव को मजबूत किया है और आगे भी करेगी।
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सम्मेलन का संचालन करते हुए कामरेड प्रवेश चंदेल ने भाजपा सरकार पर मजदूर और किसान विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया। कहा गया कि 44 श्रम कानूनों को खत्म कर चार लेबर कोड लागू करने से रोजगार का गंभीर संकट पैदा हुआ है। मनरेगा को कमजोर करने और रोजगार गारंटी कानून में बदलाव की साजिश को कम्युनिस्ट पार्टी किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेगी। बार काउंसिल ऑफ इंडिया के पूर्व सदस्य कामरेड देशराज ने कहा कि देश में फासीवादी खतरा बढ़ रहा है और मानवता पर आधारित सुंदर समाज के निर्माण के लिए कम्युनिस्ट पार्टी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। मोदी सरकार अपने किसी भी वादे चाहे काला धन वापस लाने, 15-15 लाख रुपये देने, दो करोड़ रोजगार देने, 100 स्मार्ट सिटी, बुलेट ट्रेन या बनारस को क्योटो बनाने को पूरा करने में विफल रही है। इसके उलट देश में सांप्रदायिकता बढ़ी है और अल्पसंख्यक समुदाय असुरक्षा महसूस कर रहा है। कार्यक्रम में पार्टी के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले शहीदों, दिवंगत साथियों और उनके परिवारों को सम्मानित किया गया। बड़ी संख्या में परिजनों ने भी समारोह में भाग लिया। कार्यक्रम में मंच पर प्रोफेसर धीर वासुदेव बसु, कामरेड देशराज शर्मा सहित कई वरिष्ठ साथी मौजूद रहे।
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