छात्रों ने घर-घर जाकर टीबी के लक्षण, जांच और उपचार की दी जानकारी
टीबी मुक्त भारत का दिया संदेश, जनसमुदाय को किया जागरूक
कहा, समय पर जांच और पूरा इलाज ही टीबी खत्म करने की कुंजी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। शिवा इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी, बिलासपुर ने विश्व क्षय रोग दिवस पर जन-जागरूकता अभियान चलाया। इस कार्यक्रम में छात्रों और लोगों को टीबी उन्मूलन का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत ऋषिकेश क्षेत्र में जागरूकता रैली से हुई। इसमें सैकड़ों छात्र-छात्राओं और संकाय सदस्यों ने भाग लिया। रैली के दौरान छात्रों ने ग्रामीणों के घर-घर जाकर टीबी के लक्षण, जैसे लंबे समय तक खांसी, बुखार और वजन कम होना, संक्रमण के कारणों, निशुल्क जांच सुविधा और डॉट्स थेरेपी के तहत पूरा उपचार लेने के महत्व की जानकारी दी।
इसके बाद संस्थान परिसर में समूह चर्चा का आयोजन किया गया। इसमें छात्रों ने टीबी से जुड़ी सामाजिक भ्रांतियों, मरीजों के प्रति भेदभाव और सरकारी प्रयासों पर अपने विचार साझा किए। प्रतिभागियों ने सामूहिक प्रयासों से ‘टीबी मुक्त भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने पर जोर दिया। प्राचार्य डॉ. ईशा रानी ने कहा कि फार्मेसी के छात्र स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उनका समाज में जाकर जागरूकता फैलाना उनकी सामाजिक जिम्मेदारी को दर्शाता है।
प्रबंध निदेशक पुरुषोत्तम शर्मा ने कहा कि संस्थान ऐसे सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रमों को प्राथमिकता देता है, जबकि कार्यकारी निदेशक मधु शर्मा ने छात्रों के उत्साह की सराहना की। एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. आंचल शर्मा ने कहा कि समय पर जांच और बिना रुकावट पूरा उपचार ही टीबी को जड़ से खत्म करने का सबसे प्रभावी तरीका है।