प्रशासन से मांग, पुराने परमिट रद्द कर बेरोजगार युवाओं को दिए जाएं नए रूट परमिट
संवाद न्यूज एजेंसी
स्वारघाट(बिलासपुर)। चंगर क्षेत्र की करीब एक दर्जन पंचायतों के सैकड़ों ग्रामीण पिछले दो साल से परिवहन व्यवस्था ठप होने के कारण भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। निजी बसों का संचालन बंद होने से धरोट, मजारी, बस्सी, दबट, कोट खास, ग्वालथाई, तरसुह, रोडजमान, टोबा, लखनु, कोड़ा वाली और बैहल पंचायतों के गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से कट सा गया है।
कोट, ढोल, बस्सी, गुरु का लाहौर, घट्टेवाल, सिहानी, दलेत, पलसेड, लैहड़ी, इल्लेवाल और ग्वालथाई के ग्रामीणों ने बताया कि पहले निजी बसों के जरिए उन्हें नियमित परिवहन सुविधा मिलती थी और नंगल तथा ऊना के लिए भी सीधी बसें चलती थीं। लेकिन अब सेवा बंद होने से स्कूल-आईटीआई जाने वाले विद्यार्थियों और ग्वालथाई औद्योगिक क्षेत्र के कामगारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मजबूरन लोगों को महंगे निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहे हैं।
जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व महासचिव गुरनाम चौधरी और विभिन्न पंचायतों के प्रधानों भूपेंद्र कौर (मजारी), आराधना शर्मा (बस्सी), रणविजय सिंह (दबट), रामलाल (कोट खास), बब्बल कुमार (ग्वालथाई), नीलम कुमारी (तरसुह), हरजीत सिंह (टोबा), अश्वनी कुमार (रोडजमान) और प्रेम चंद (धरोट) ने प्रशासन व सरकार को चेतावनी दी है कि यदि पुराने परमिट धारक इन रूटों पर बसें चलाने के इच्छुक नहीं हैं, तो उनके परमिट तुरंत रद्द किए जाएं।
पंचायत प्रतिनिधियों ने मांग की है कि इन रूटों पर बस चलाने के इच्छुक बेरोजगार युवाओं को नए परमिट जारी किए जाएं, ताकि ग्रामीणों को सुगम परिवहन सुविधा मिल सके और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के द्वार खुल सकें।