बस स्टैंड में दूसरे राज्यों को जाने के लिए बस का इंतजार करते लोग।
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बिलासपुर। सरकार के आदेश के बाद विभिन्न रूटों पर एचआरटीसी की बसें चलना शुरू हो गई हैं लेकिन, यात्री न मिलने से बसों का तेल खर्च निकालना मुश्किल हो गया है। तीन दिनों में बिलासपुर डिपो के करीब 150 रूटों पर बसें भेजी जा चुकी हैं। अभी तक इन रूटों से कमाई मात्र एक लाख भी नहीं हो पाई। जिससे लगातार एचआरटीसी पर आर्थिक बोझ बढ़ता ही जा रहा है।
कोरोना संक्रमण के दौरान करीब दो महीने से अधिक समय तक बस सेवा पूर्व रूप से बंद रही। जिसके बाद हाल ही में प्रदेश सरकार के फैसले के अनुसार पहली जून से प्रदेश में बस सेवा शुरू हो गई। कुछ बसें दूसरे जिलों के लिए और अन्य बसें लोकल रूट पर भेजी गई हैं लेकिन, लोगों के मन में कोरोना का डर इस कदर है कि वे बसों में सफर करने को तैयार नहीं है। जिससे बसों का डीजल खर्च नहीं निकल पा रहा है। ऐसे में एचआरटीसी की परेशानियां और बढ़ गई हैं।
आरएम बिलासपुर मेहर चंद ने बताया की निगम की ओर से विभिन्न रूटों पर बस सेवा भेजी जा रही है। बसों में लोग सफर नहीं कर रहे हैं। हालत ऐसी है कि एक बस में दो चार सवारियां ही बैठ रही हैं। जिन रूटों पर सवारियां नहीं हैं उन रूटों पर बस सेवा नहीं भेजी जाएगी। इसकी रूपरेखा तैयार की जा रही है। अब लोगों की मांग के बाद ही रूट पर बस सेवा भेजी जाएगी। कोरोना के डर से कोई भी व्यक्ति अपने घर से बाहर नहीं आ रहा है।