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आम के पेड़ फलों से लदे पर साइज छोटा, नहीं मिल रहे सही दाम

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शाहतलाई (बिलासपुर)। जिले में इस बार आम की बंपर फसल हुई है, लेकिन साइज छोटा होने के कारण बागवानों को सही दाम नहीं मिल पा रहे हैं। आम के पेड़ फलों से लदे हैं, लेकिन समय पर बारिश न होने के चलते आम के फलों का साइज सही नहीं बन सका है। इससे बाजार में अच्छे भाव मिलने की उम्मीद पर पानी फिर गया है। बागवानों को 10 से 12 रुपये प्रतिकिलोग्राम दाम मिल रहे हैं। जबकि साइज सही होता है तो 18 से 20 रुपये प्रतिकिलोग्राम दाम मिलते हैं।
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जिले में जनवरी से लेकर मार्च माह तक बारिश न होने के कारण रबी की फसल का 80 फीसदी नुकसान हुआ है। बागवानों ने फसली वर्ष न होने के बावजूद आम की अच्छी पैदावार होने की उम्मीद लगाई थी। बागवानों योगराज, प्रेमचंद, बलदेव कुमार, चंद्र कुमार, बर्फी राम, राजकुमार, देशराज, रामप्रकाश का कहना है कि इस बार आम के पेड़ फलों से लदे देखकर काफी उत्साहित थे। लेकिन साइज सही नहीं बन पाया है। बीते साल आम का फसली वर्ष होने के कारण पैदावार उम्मीद से अधिक हुई थी। ज्यादा पैदावार होने के बावजूद सही दाम नहीं मिल पाए थे। इससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा था। इस साल आम के पेड़ फलों से लदे हुए हैं। पिछले साल की क्षतिपूर्ति होने की उम्मीद थी। लेकिन आम के फलों का साइज ठीक नहीं बन पाया। दूसरे राज्यों से आने वाले आम भारी पड़ रहे हैं।
जिले में 3200 हेक्टेयर भूमि पर 10 हजार बागवान आम की खेतीबाड़ी करके अपनी रोजी-रोटी चलाते हैं।
उधर, झबोला के उद्यान विकास अधिकारी डॉ. पवन शर्मा ने बताया कि चार माह बारिश न होने के कारण फलों का साइज सही नहीं बन पाया है। कहा कि बागवानों को फसल की सही कीमत नहीं मिल पा रही है। जिले के बागवानों से आम खरीदने का कार्य शुरू हो गया है।
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