-पंचायत प्रतिनिधियों ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को सौंपा मांग पत्र
-बोले, फोरलेन बनने से सुधरेगी यातायात व्यवस्था, रोजगार के बढ़ेंगे अवसर
संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला (बिलासपुर)। दावीं घाटी क्षेत्र की पंचायतों के प्रतिनिधियों ने ब्रह्मपुखर-बरमाणा वाया जुखाला और घागस हाईवे को फोरलेन बनाने की मांग उठाई है। इसके लिए उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को मांग पत्र सौंपा।
पंचायत प्रतिनिधियों ने बताया कि शिमला-मटौर वाया जुखाला राष्ट्रीय राजमार्ग-88 के नाम से बनाया गया। इसे बाद में राष्ट्रीय राजमार्ग-103 किया गया। शिमला-मटौर फोरलेन पहले वाया जुखाला बनाया जाना प्रस्तावित था। 2020 में एम्स बिलासपुर को ध्यान में रखते हुए इसे वाया एम्स किया गया। इसके बाद मुख्य सचिव लोक निर्माण विभाग हिमाचल प्रदेश ने राजमार्ग व परिवहन मंत्रालय भारत सरकार के अधिकारियों ने लिखित में दिया गया था कि शिमला-मटौर सड़क को ब्रह्मपुखर से वाया जुखाला, घागस, कंदरौर, भगेड़ तक थ्रीलेन किया जाएगा। आज तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रतिनिधियों ने बताया कि इस सड़क पर पर तीन सीमेंट कंपनियों के मालवाहक ट्रक चलते हैं। साथ ही शिमला,मंडी, धर्मशाला,कुल्लू, मनाली के लिए पर्यटक भी यहां से गुजरते हैं। इस भाग को अगर फोरलेन बनाया जाता है तो यातायात सुविधा बेहतर होगी। साथ ही इसका सबसे बड़ा लाभ यहां के लोगों को होगा। क्योंकि दूसरी ओर से फोरलेन बनने के बाद यह क्षेत्र पिछड़ जाएगा। अगर इस हिस्से का फोरलेन किया जाता है तो लोगों को रोजगार उपलब्ध होगा। उन्होंने बताया कि यह करीब 22 किलोमीटर सड़क है। इसका सात किलोमीटर हिस्सा श्री नयना देवी जी और 15 किलोमीटर हिस्सा सदर विधानसभा में पड़ता है। उन्होंने जेपी नड्डा से आग्रह किया कि इस सड़क को फोरलेन बनाया जाए, ताकि लोगों को रोजगार भी मिले और इस क्षेत्र का विकास हो सके। इस मौके ग्राम पंचायत स्योहला, कोटला, जुखाला, मार्कंडेय, रानीकोटला, निहारखन वासला के प्रतिनिधि मौजूद रहे।