छांब गांव में अनोखा संयोग, एम्स बिलासपुर में ली अंतिम सांस
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। ग्राम पंचायत हरनोड़ा के छांब गांव में एक ऐसा संयोग सामने आया जिसने पूरे क्षेत्र को भावुक कर दिया। 90 वर्षीय हरदेई देवी ने अपने ही जन्मदिन के दिन दुनिया को अलविदा कह दिया। 25 अप्रैल 1936 को जन्मी हरदेई देवी ने ठीक 25 अप्रैल को ही अंतिम सांस ली, जिससे खुशी का दिन अचानक शोक में बदल गया।
परिवार हर साल इस दिन को उत्सव की तरह मनाता था, लेकिन इस बार यही दिन उनके बिछड़ने की याद बन गया। शनिवार सुबह करीब 5 बजे एम्स बिलासपुर में उन्होंने अंतिम सांस ली। वे पिछले दो सप्ताह से अस्वस्थ चल रही थीं और अस्पताल में भर्ती थीं। हरदेई देवी स्वर्गीय लक्षमण दास प्रधान उर्फ छांबू की धर्मपत्नी थीं, जो अपने समय के दूरदर्शी जनसेवक और हरनोड़ा क्षेत्र के पूर्व पंचायत प्रधान रहे। 1965 से 1985 तक सक्रिय राजनीति में रहते हुए उन्होंने उस दौर में विकास की नींव रखी, जब क्षेत्र बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा था। परिवार में उनके तीन बेटे किसान नेता प्रेम लाल ठाकुर, सेवानिवृत्त पुलिस इंस्पेक्टर रामलाल ठाकुर और पंजाब पुलिस इंस्पेक्टर बृज लाल ठाकुर और एक बेटी पूर्व प्रधान, हरनोड़ा पंचायत रामी देवी हैं। हरदेई देवी का अंतिम संस्कार सतलुज नदी स्थित मुक्तिधाम में किया गया, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।