स्वारघाट (बिलासपुर)। कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इसके बावजूद लोगों की जान जोखिम में डाली जा रही है। गत माह से प्रदेश के डिपुओं में नियम लागू किया गया है कि बिना बायोमीट्रिक मशीन में अंगुली लगाए राशन नहीं मिलेगा। डिपो में राशन लेने के लिए कार्ड होल्डर को बायोमीट्रिक मशीन में अंगुली जरूरी है। प्रदेश में करीब 19 लाख उपभोक्ता डिपुओं से सस्ता राशन लेते हैं। सूबे में करीब पांच हजार सस्ते राशन के डिपो हैं।
प्रदेश में रोजाना एक हजार से अधिक कोरोना संक्रमित मरीज सामने आ रहे हैं। इसके बावजूद अभी तक बायोमीट्रिक मशीन के नियम को नहीं हटाया गया है। बायोमीट्रिक में अगर अंगुली को स्कैन नहीं करेंगे, तो राशन नहीं मिलेगा। कुछ डिपो होल्डर का कहना है कि अगर बायोमीट्रिक मशीन को बार-बार सैनिटाइज किया जाता है तो यह काम करना बंद कर देती है। ऐसे में इसे ज्यादा समय तक सैनिटाइज भी नहीं किया जा सकता है। ऐसे में लोगों के लिए अब मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। बायोमीट्रिक से संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है।
सरकार ने राशन की चोरी रोकने के लिए बायोमीट्रिक प्रणाली शुरू की है। राशन कार्ड को आधार से लिंक किया गया है। किस महीने कार्ड धारक को कितना राशन मिला, इसका पूरा ब्योरा ऑनलाइन रहता है। हालांकि, राशन की चोरी रोकने के लिए सही तरीका है, लेकिन कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच संक्रमण का खतरा बढ़ गया है।
बाक्स
जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक बिलासपुर ब्रजेंद्र सिंह पठानिया ने बताया कि सरकारी की ओर जारी एसओपी की पूरी अनुपालना करवाई जा रही है। डिपो में बायोमीट्रिक मशीन और लोगों के हाथ सैनिटाइज करवाने के बाद ही राशन देने के निर्देश मिले हैं और इन नियमों की डिपुओं में पालना की जा रही है। अगर नियमों की कहीं अनदेखी की जा रही है तो डिपो होल्डर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।