प्रदेश के 36 प्रतिशत औसत से आगे निकला जिला
उपायुक्त ने अफवाहों से बचकर किशोरियों का टीकाकरण कराने की अपील की
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित करने के लिए चलाए जा रहे ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) टीकाकरण अभियान में बिलासपुर प्रदेश के औसत प्रदर्शन से आगे निकल गया है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयासों से अब तक निर्धारित लक्ष्य 2735 किशोरियों में से करीब 1100 किशोरियों को एचपीवी वैक्सीन लगाई जा चुकी है, जो कुल लक्ष्य का लगभग 40 प्रतिशत है। यह आंकड़ा प्रदेश के 36 प्रतिशत औसत टीकाकरण कवरेज से अधिक है।
उपायुक्त राहुल कुमार ने बताया कि अभियान के शुरुआती दौर में लोगों की भागीदारी उत्साहजनक रही लेकिन बाद में कुछ भ्रामक अफवाहों और गलत जानकारियों के कारण टीकाकरण की गति प्रभावित हुई। उन्होंने अभिभावकों, शिक्षकों और समाज के प्रबुद्ध नागरिकों से 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की किशोरियों का टीकाकरण सुनिश्चित करने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की। उन्होंने कहा कि एचपीवी संक्रमण महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण है और समय पर लगाया गया टीका इस बीमारी से बचाव का प्रभावी माध्यम साबित हुआ है। विभिन्न वैज्ञानिक अध्ययनों में एचपीवी वैक्सीन को सुरक्षित और प्रभावी पाया गया है। ब्रिटेन सहित कई देशों के अध्ययन भी यह दर्शाते हैं कि टीकाकरण से सर्वाइकल कैंसर के मामलों और इससे होने वाली मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी आई है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शशि दत्त शर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें विद्यालयों और समुदाय स्तर पर लगातार जागरूकता गतिविधियां चला रही हैं। शेष पात्र किशोरियों तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं और विभाग का लक्ष्य शत-प्रतिशत टीकाकरण हासिल करना है। उन्होंने कहा कि एचपीवी टीकाकरण केवल एक स्वास्थ्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि भावी पीढ़ी को गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो स्वस्थ समाज के निर्माण में अहम भूमिका निभाएगी।