वीडियो में वह कुछ लोगों के नाम भी लेता सुनाई देता है। हैरान करने वाली बात यह है कि जिस स्थान पर यह हमला हुआ, वहां से पुलिस बूथ अधिक दूर नहीं है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि घटना के समय पुलिस कर्मी भी आसपास मौजूद थे। मौके पर पुलिस जवान और होमगार्ड जवान दोनों मौजूद थे। लेकिन उन्होंने हमलावरों को रोकने और घायल को बचाने का कोई प्रयास नहीं किया। पुलिस इस हमले को केवल आपसी कहासुनी तक सीमित नहीं मान रही है। जांच टीम पुराने विवाद,आपसी रंजिश और गैंग प्रतिद्वंद्विता के पहलुओं को भी खंगाल रही है। पुलिस के अनुसार घायल सन्नी गिल वही युवक है, जिस पर वर्ष 2024 में बिलासपुर शहर के कोर्ट परिसर के समीप सौरभ पटियाल उर्फ फांदी पर गोली चलाने का आरोप लगा था। पुलिस का कहना है कि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि वर्तमान हमला उसी विवाद का परिणाम है। बिलासपुर के पुलिस अधीक्षक अभिषेक धीमान ने बताया कि इस मामले में सौरभ पटियाल और उसके एक अन्य साथी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। घटनास्थल से खून के नमूने समेत अन्य साक्ष्य एकत्र किए हैं। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज कब्जे में लेकर उसकी जांच की जा रही है।
भराड़ी हमले के बाद विधायक त्रिलोक जमवाल ने कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल
मंडी भराड़ी पुल पर दिनदहाड़े हुए हमले के बाद बिलासपुर सदर से विधायक त्रिलोक जमवाल ने प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जिले में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर लोगों में चिंता बढ़ रही है और हालिया घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
त्रिलोक जमवाल ने जारी बयान में कहा कि भराड़ी पुल पर हुई हिंसक घटना गंभीर है और ऐसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण आवश्यक है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में जिले में आपराधिक गतिविधियों और हिंसक घटनाओं में वृद्धि हुई है, जिससे आम लोगों में असुरक्षा की भावना पैदा हुई है। उनके अनुसार, प्रशासन को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए और प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि जिले में गैंगवार, अवैध गतिविधियों और विभिन्न प्रकार के माफिया नेटवर्क पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से स्थिति चुनौतीपूर्ण बनती जा रही है। उन्होंने प्रदेश सरकार से ऐसे मामलों में सख्त और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।
विधायक ने यह भी कहा कि हालिया घटना के बाद सोशल मीडिया पर प्रसारित कुछ वीडियो में एक पूर्व विधायक का नाम सामने आने की बातें कही जा रही हैं। उन्होंने मांग की कि इन सभी पहलुओं की निष्पक्ष, स्वतंत्र और गहन जांच कराई जाए, ताकि तथ्यों के आधार पर सच्चाई सामने आ सके।
त्रिलोक जमवाल ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि जिले में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाए, आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जाए तथा हालिया हमले के मामले में दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा और कानून का समान रूप से पालन सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।