बोले, बच्चों को शिक्षा के मौलिक अधिकार से किया जा रहा ू
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। सदर के विधायक त्रिलोक जमवाल ने सुक्खू सरकार के प्रदेश में 400 स्कूल बंद करने के फैसले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि हैरानी इस बात की है कि जनहित के कार्यों के लिए आर्थिक तंगी का रोना रोने वाली कांग्रेस सरकार ने इस पहलू को नजरअंदाज करके घाटे का राग अलापते हुए स्कूलों को बंद करने का फरमान जारी कर दिया है। शिक्षण संस्थान बंद करके इस सरकार ने बच्चों से न केवल उनका शिक्षा का मौलिक अधिकार छीना है, बल्कि वह उनका भविष्य भी अंधकारमय बना रही है। 18 माह में हजारों संस्थान बंद कर चुकी इस सरकार को तालाबंदी करने वाली तानाशाह सरकार के रूप में जाना जाएगा। कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव में झूठी गारंटियों से लोगों को गुमराह करके सत्ता हासिल करने वाली कांग्रेस ने अपने वादे पूरे करने तो दूर, लोगों से उन्हें पहले से मिल रही कई सुविधाएं भी छीन लीं। इसकी शुरुआत कांग्रेस की सरकार बनते ही 1000 से अधिक संस्थानों पर तालाबंदी से की गई थी। इन संस्थानों को पूर्व भाजपा सरकार ने जनहित में खोला था। इनसे लाखों लोग लाभान्वित हो रहे थे। केवल आम जनता या भाजपा समर्थकों को ही नहीं, कांग्रेस से जुड़े लोगों को भी इनसे फायदा हो रहा था, लेकिन राजनीतिक द्वेष भावना के चलते बिना सोचे-समझे सारे संस्थान डिनोटिफाई कर दिए गए। कांग्रेस के सत्ता में आते ही शुरू हुआ तालाबंदी का यह सिलसिला अभी भी जारी है। उन्होंने सरकार को सलाह दी कि 400 स्कूल बंद करने के फैसले पर गंभीरता से पुनर्विचार करके यह फैसला रद्द किया जाए।