बिलासपुर बचत भवन में श्रावण अष्टमी मेलों की तैयारी को लेकर बैठक करते अधिकारी । संवाद
-लंगर लगाने के लिए ऑनलाइन करना होगा आवेदन
-मेले के सफल आयोजन को लेकर हुई अधिकारियों की बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। उत्तर भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठ माता श्री नयना देवी जी मंदिर में 5 से 14 अगस्त तक श्रावण अष्टमी मेले का आयोजन होगा। मेले के सफल आयोजन को लेकर बिलासपुर के उपायुक्त आबिद हुसैन सादिक की अध्यक्षता में बैठक हुई। उन्होंने कहा कि मेले के दौरान श्रद्धालुओं के मंदिर 24 घंटे खुला रहेगा। साफ-सफाई के लिए रात्रि के दौरान मंदिर को केवल एक घंटे के लिए बंद किया जाएगा। दोपहर को मां के श्रृंगार व भोग के लिए भी मंदिर कुछ समय के लिए बंद रहेगा। उपायुक्त ने बताया कि मेले के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मेला क्षेत्र को नौ सेक्टरों में बांटा जाएगा। सुरक्षा के दृष्टि से पर्याप्त मात्रा में पुलिस व होमगार्ड के जवानों सहित त्वरित कार्य बल की टीमें तैनात रहेंगी। कानून व्यवस्था को चाक चौबंद रखने और आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए के लिए पुलिस का कमांडो दस्ता भी गठित किया जाएगा। सभी सेक्टरों की निगरानी कंट्रोल रूम से की जाएगी। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए हाईटेक ड्रोन से निगरानी होगी। इसके अतिरिक्त 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरे सहित बस अड्डा से लेकर मंदिर परिसर तक तीन हाईटेक एलईडी स्क्रीन स्थापित किए गए हैं। इसमें माता के दर्शन के साथ-साथ श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए ध्वनि प्रसार सेवा उपकरण भी स्थापित किया गया है। श्रावण अष्टमी मेले के दौरान लंगर लगाने की अनुमति के लिए shrinainadevi.com पर आवेदन करना होगा। आयोजक को लंगर की समाप्ति के बाद साफ- सफाई भी सुनिश्चित करनी होगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आगमन हॉल बनाया गया है जिसमें एक साथ 1,000 श्रद्धालु आराम कर सकेंगे। उपायुक्त ने बताया कि आगमन हॉल से ही माता के दर्शन के लिए 150 से लेकर 200 तक श्रद्धालुओं के जत्थे को रवाना किया जाएगा। ताकि भीड़ को नियंत्रित करने में भी आसानी हो सके। श्रावण अष्टमी मेले के दौरान एडीसी बिलासपुर को मेला अधिकारी, एसडीएम श्री नयना देवी जी को सहायक मेला अधिकारी, एएसपी बिलासपुर को पुलिस मेला अधिकारी और डीएसपी को सहायक पुलिस मेला अधिकारी नियुक्त किया गया है। इस मौके पर अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. निधि पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिव चौधरी, एसडीएम श्री नयना देवी जी धर्मपाल सहित सभी संबंधित अधिकारी और गैर सरकारी सदस्य उपस्थित रहे।
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खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने के दिए निर्देश
मेले के दौरान संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर नियमित रूप से निरीक्षण करें। मेले में श्रद्धालुओं को चिकित्सा सुविधा मुहैया करवाने के लिए विभिन्न स्थानों पर एलोपैथिक और आयुर्वेदिक शिविर स्थापित किए जाएंगे। किसी भी आपदा की घटना से निपटने के लिए अग्निशमन वाहन तैनात रहेंगे। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को मेला शुरू होने से पूर्व सड़कों की व्यवस्था को भी दुरूस्त करने के भी निर्देश दिए। विद्युत बोर्ड को मेले के दौरान विद्युत आपूर्ति सुचारू रखने के लिए विद्युत लाइनों का आवश्यक रखरखाव करना सुनिश्चित करने को कहा। ताकि मेले के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके अलावा मेले के दौरान अस्थाई रूप से अतिरिक्त स्ट्रीट लाइट भी लगाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।