बिलासपुर के बहुचर्चित नसबंदी कांड में 12 साल बाद अदालत ने फैसला सुनाते हुए डॉक्टर आर के गुप्ता को गैर इरादतन हत्या का दोषी ठहराया है। 2014 में हुए इस मामले में लापरवाही से 18 लोगों की मौत हुई थी, जबकि पांच आरोपी बरी कर दिए गए।
बिलासपुर। बहुचर्चित नसबंदी कांड मामले में 12 साल बाद बड़ा फैसला आया है। न्यायालय प्रथम सत्र न्यायाधीश शैलेश केतारप की कोर्ट ने यह फैसला सुनाया। डॉक्टर आर के गुप्ता को नसबंदी कांड का दोषी पाया गया है। उन पर गैर इरादतन हत्या का आरोप सिद्ध हुआ है।
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बाकी पांच आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया। यह घटना 2014 में सकरी नेमिचन्द्र जैन अस्पताल में लगे शिविर में हुई थी। उस शिविर में 85 महिलाओं और पुरुषों की नसबंदी की गई थी। ऑपरेशन में लापरवाही के कारण 13 महिलाओं और पांच पुरुषों सहित कुल 18 लोगों की मौत हो गई थी। इस कांड ने पूरे देशभर में हंगामा मचा दिया था।