बिलासपुर न्यायालय परिसर में स्थायी अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश न्यायालय का विधिवत शुभारंभ
उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने किया वर्चुअल लोकार्पण
वर्तमान में बिलासपुर सिविल एवं सत्र मंडल में कुल 28,859 मामले लंबित
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गुरमीत सिंह संधावालिया ने बुधवार को वर्चुअल माध्यम से जिला मुख्यालय बिलासपुर स्थित न्यायालय परिसर में स्थायी अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश न्यायालय का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर बिलासपुर के प्रशासनिक न्यायाधीश न्यायमूर्ति विपिन चंद्र नेगी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि बिलासपुर जिले में लंबित मामलों की संख्या को देखते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय की स्थापना की गई है। उन्होंने कहा कि इससे मामलों की सुनवाई में तेजी आएगी और आमजन को शीघ्र, सुलभ एवं प्रभावी न्याय प्राप्त होगा। यह पहल न्यायिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश बिलासपुर ज्योत्सना सुमंत डडवाल ने जानकारी दी कि वर्तमान में बिलासपुर सिविल एवं सत्र मंडल में कुल 28,859 मामले लंबित हैं, जिनमें 9,235 सिविल, 19,624 फौजदारी मामले शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश न्यायालय केवल 15 दिनों के कैंप के माध्यम से संचालित होता था, जबकि अब स्थायी न्यायालय की स्थापना से प्रतिदिन नियमित सुनवाई संभव हो सकेगी। इससे मामलों के शीघ्र निस्तारण में सहायता मिलेगी और वादकारियों को समयबद्ध न्याय मिलेगा। बार एसोसिएशन बिलासपुर के अध्यक्ष एसएल ठाकुर ने स्थायी अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश न्यायालय की स्थापना के लिए उच्च न्यायालय का आभार जताया। उन्होंने इसे अधिवक्ताओं एवं वादकारियों दोनों के हित में एक दूरदर्शी और स्वागतयोग्य निर्णय बताया। इस अवसर पर नव नियुक्त अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नवीश भारद्वाज ने अपने पद का विधिवत कार्यभार ग्रहण किया। कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. मोहित बंसल, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अक्षी शर्मा, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव प्रतीक गुप्ता, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी सोनिया गुप्ता, मोबाइल ट्रैफिक मजिस्ट्रेट राघव गुप्ता सहित अन्य न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता एवं न्यायालय स्टाफ उपस्थित रहे।