बिलासपुर नगर परिषद पर कार्रवाई करना खतरा मंडरा रहा है। गृहकर वसूल करने को लेकर निदेशालय शहरी विकास विभाग ने नगर परिषद को पत्र जारी कर कार्रवाई करने की बात कही है। इसके माध्यम से नगर परिषद से पूछा गया है कि कार्रवाई करने से पहले बताएं कि आपने वर्ष 2013 से अभी तक कितना गृहकर वसूल किया है। ऐसे में अगर नगर परिषद ने जल्द से जल्द गृहकर नहीं वसूला तो उस पर कार्रवाई की तलवार लटक सकती है।
गृहकर का खाका किया तैयार
नगर परिषद ने हाल ही में गृहकर वसूल करने के लिए रूपरेखा तैयार कर ली है। इसको लेकर बैठकों का आयोजन भी किया गया है। मगर अभी तक शहर के भवन मालिकों से गृहकर वसूल नहीं किया है। निदेशालय से मिले पत्र की पुष्टि नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी केआर ठाकुर ने की है।
11 वार्डों में हैं 3500 भवन
बिलासपुर नगर परिषद के तहत 11 वार्ड आते है। इसमें करीब 3500 मकान है। मगर बिलासपुर शहर भाखड़ा विस्थापितों का शहर है। यहां लोगों को लीज के आधार पर जमीन मिली है। जहां लोगों ने अपने घर बनाए है। इस कारण यहां लोगों का गृहकर वसूल नहीं किया जाता है। इस कारण नगर परिषद की आर्थिक हालत लगातार कमजोर होती जा रही है। हालत ऐसी है कि फंड न होने के कारण कई विकास कार्य ठप पड़े है।
बिजली का बिल एक करोड़ पहुंचा
शहर में लगी स्ट्रीट लाइटों का बिजली का बिल भी एक करोड़ 23 लाख के करीब पहुंच गया है। इन सभी मामलों को देखते हुए निदेशक शहरी विकास हिमाचल प्रदेश की ओर से एक पत्र नगर परिषद को भेजा है। इसमें लिखा है कि निदेशालय की ओर से किसी भी प्रकार की कार्रवाई करने से पहले बताएं की 2013, 2014, 2015-16 में नगर परिषद ने कितना गृह कर वसूल किया है।
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी केआर ठाकुर बताया कि निदेशालय से मिले पत्र में पूछा गया है कि कोई भी कार्रवाई करने से पहले बताएं 2013 से 16 तक नगर परिषद ने नप ने कितना गृह कर वसूला है।