पंचायत बरमाणा के लघट गांव में चिट्टा (हेरोइन) के खिलाफ पहरा दे रही महिलाओं की मुहिम अब कानूनी विवाद में उलझ गई है। नशे के खिलाफ सक्रिय महिला मंडल की प्रधान समेत अन्य सदस्यों पर मारपीट और अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई उन युवकों की शिकायत पर हुई है, जिनकी पिटाई का आरोप महिलाओं पर लगा है।
बरमाणा थाना में दर्ज शिकायत में सन्नी महाजन निवासी पंजगाईं ने बताया कि वह अपने दोस्त विरेंद्र के साथ बाइक पर बरमाणा की ओर जा रहा था। इसी दौरान लघट गोशाला के पास महिला मंडल की प्रधान सहित अन्य महिलाओं ने उसकी बाइक रोक हाथों व डंडों से मारपीट की और तलाशी ली। तलाशी में कोई आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली, इसके बावजूद एक फर्जी वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी गई। पुलिस ने इस शिकायत के आधार पर थाना बरमाणा में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
बता दें कि लगट में महिलाओं ने चिट्टे के खिलाफ मुहिम चलाई है, जिसके चलते वह गांव में पहरा देती हैं। सोमवार को तीन युवक लघट गांव में पहुंचे थे। महिलाओं ने उन्हें रोका और उनसे पूछताछ की। महिला मंडल का आरोप है कि पूछताछ में युवकों ने एक स्थानीय व्यक्ति से चिट्टा खरीदने की बात स्वीकार की थी। महिलाओं का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद पुलिस करीब सवा घंटे बाद मौके पर पहुंची और चिट्टे की पुड़िया न मिलने के कारण कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। मंगलवार को महिला मंडल सदस्य पुलिस अधीक्षक संदीप धवल से मिलीं और उन्हें भी मामले से अवगत कराया। बता दें कि पुलिस ने उक्त युवकों का मेडिकल कराया है। वहीं अगर इनमें नशे की पुष्टि होती है तो इनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।