हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में अब ढाबों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों में खाद्य पदार्थों के मनमाने दाम वसूलने पर रोक लगेगी। जिला प्रशासन ने बिलासपुरी धाम की थाली से लेकर चपाती, मीट, चिकन, मछली और विभिन्न सब्जियों तक की अधिकतम कीमतें तय कर दी हैं। नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं।
जिला दंडाधिकारी राहुल कुमार ने हिमाचल प्रदेश जमाखोरी एवं मुनाफाखोरी निवारण आदेश, 1977 के तहत यह दरें निर्धारित की हैं। सबसे खास बात यह है कि प्रशासन ने केवल कीमतें ही तय नहीं की हैं, बल्कि कुछ व्यंजनों की न्यूनतम मात्रा भी निर्धारित की है।
100 रुपये में मिलेगी बिलासपुरी धाम की थाली
पांच व्यंजनों वाली बिलासपुरी धाम की थाली की अधिकतम कीमत 100 रुपये तय की गई है। चावल, चपाती, दाल और सब्जी वाला पूर्ण भोजन भी अधिकतम 100 रुपये प्रति थाली मिलेगा। तंदूरी चपाती के लिए ग्राहक को अधिकतम 10 रुपये और तवा चपाती के लिए 7 रुपये देने होंगे। पूर्ण आकार का स्टफ्ड परांठा 30 रुपये में मिलेगा। चावल की पूरी प्लेट 50 रुपये और तली हुई दाल 60 रुपये प्रति प्लेट तय की गई है। स्पेशल सब्जी 80 रुपये, मटर या पालक पनीर 100 रुपये और दो भटूरे के साथ सब्जी, चना व दही की प्लेट 60 रुपये में मिलेगी। रायता की अधिकतम कीमत 50 रुपये प्रति डिश होगी।
मीट 550 तो ड्रेस्ड चिकन 250 रुपये किलो
मांसाहारी खाद्य पदार्थों के भी रेट निर्धारित किए गए हैं। बकरे और भेड़ का मीट 550 रुपये प्रति किलो से अधिक में नहीं बेचा जा सकेगा। ड्रेस्ड चिकन की अधिकतम कीमत 250 रुपये और सूअर के मांस की 300 रुपये प्रति किलोग्राम तय की गई है। जीवित चिकन 200 रुपये किलो, बिना तली मछली 230 रुपये किलो और तली हुई मछली 450 रुपये किलो की अधिकतम दर से मिलेगी।
प्लेट में कितनी मात्रा होगी, यह भी तय
प्रशासन ने उपभोक्ताओं के हित में कुछ व्यंजनों की मात्रा भी तय की है। मीट करी की एक प्लेट में 200 ग्राम मीट और 100 ग्राम ग्रेवी देना अनिवार्य होगा। इसकी अधिकतम कीमत 130 रुपये प्रति प्लेट रहेगी। चिकन करी की प्लेट में भी 200 ग्राम चिकन और 100 ग्राम ग्रेवी देनी होगी। इसकी अधिकतम कीमत 110 रुपये होगी। मटर पनीर और पालक पनीर की प्लेट में कम से कम 100 ग्राम पनीर देना जरूरी होगा और इसकी अधिकतम कीमत 100 रुपये तय की गई है।
पैकेट पर छपे एमआरपी से ज्यादा नहीं ले सकेंगे
पैकेटबंद सामान की बिक्री को लेकर भी प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं। पैकेटबंद दूध मुद्रित एमआरपी पर ही बेचा जाएगा। शीतल पेय, ब्रेड और अन्य पैकेटबंद वस्तुओं के लिए भी पैकेट पर दर्ज एमआरपी से अधिक कीमत नहीं ली जा सकेगी। खुले पनीर की अधिकतम कीमत 350 रुपये प्रति किलो और खुले दही की 80 रुपये प्रति किलो तय की गई है।
ढाबे के बाहर लगानी होगी रेट लिस्ट
नई व्यवस्था के तहत दुकानदारों, होटल और ढाबा संचालकों को निर्धारित मूल्य सूची प्रतिष्ठान के प्रवेश द्वार पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करनी होगी। ग्राहक की मांग पर नकद रसीद या बिल देना भी अनिवार्य किया गया है। इससे ग्राहक को खाना ऑर्डर करने से पहले उसकी कीमत और निर्धारित मात्रा की जानकारी मिल सकेगी। निर्धारित दर से अधिक वसूली होने पर उपभोक्ता के पास बिल के आधार पर शिकायत करने का आधार भी रहेगा।