मुआवजे के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे पीड़ित परिवार
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। झंडूता उपमंडल के बरठीं में भल्लू पुल पर हुए भीषण बस हादसे को करीब दो माह बीत चुके हैं, लेकिन मृतकों के परिजनों को अब तक सरकारी मुआवजा नहीं मिल पाया है। इस हादसे में 16 लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी। पहाड़ी से अचानक गिरे मलबे ने वहां से गुजर रही बस को अपनी चपेट में ले लिया था, जिससे पूरा क्षेत्र शोक और दहशत में डूब गया था।
सरकार ने मृतकों के स्वजनों को 4 लाख रुपये और केंद्र सरकार ने 2 लाख रुपये की राहत राशि देने की घोषणा की थी। लेकिन दो महीने बीतने के बाद भी पीड़ित परिवारों को सिर्फ 25 हजार रुपये की प्रारंभिक सहायता ही मिल सकी है। बाकी मुआवजा फाइलों में अटका हुआ है। परिजनों का आरोप है कि वे सरकारी दफ्तरों के लगातार चक्कर लगा-लगाकर थक चुके हैं, लेकिन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ रही। बताया कि उन्होंने सभी जरूरी दस्तावेज पहले ही जमा करवा दिए थे, मगर हाल ही में पटवारी ने दोबारा दस्तावेज जमा करवाने को कहा है। यह समझ से परे है कि आखिर मुआवजा देने में देरी क्यों हो रही है, जबकि कई परिवार आजीविका चलाने वाले सदस्यों को खोकर आर्थिक संकट में हैं। एसडीएम झंडूता अर्शिया शर्मा ने पुष्टि करते हुए बताया कि भल्लू पुल के पास हुए 16 लोगों की जान गई थी। प्रत्येक परिवार को 25 हजार रुपये की प्रारंभिक राहत दी जा चुकी है। सभी पीड़ित परिवारों के दस्तावेज पोर्टल पर लोड कर दिए गए हैं। जैसे ही मंजूरी मिलेगी, शेष मुआवजा सीधे परिजनों के खातों में जारी कर दिया जाएगा।