नगर परिषद घुमारवीं के वार्ड नंबर-2 में श्रीमद् भागवत कथा के शुभारंभ अवसर पर कलश यात्रा निकालते
श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत महापुराण की महिमा के बारे में बताया
घुमारवीं के वार्ड नंबर-2 में श्रीमद् भागवत कथा महायज्ञ का हुआ शुभारंभ
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। नगर परिषद घुमारवीं के वार्ड नंबर-2 में शुक्रवार को श्रीमद्भागवत कथा महायज्ञ का शुभारंभ विधिवत पूजा-अर्चना और कलश यात्रा के साथ किया गया। यह सात दिवसीय धार्मिक कथा 19 मार्च तक चलेगी।
कार्यक्रम की शुरुआत कलश यात्रा से हुई, जिसमें क्षेत्र की महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। श्रद्धालु सिर पर कलश धारण कर भजन-कीर्तन करते हुए कथा स्थल तक पहुंचे और विधिवत रूप से श्रीमद् भागवत महापुराण का स्वागत किया। इस दौरान कथावाचक आचार्य अंकुश शर्मा लोगों को कथा का रसपान करवाएंगे। कथा के पहले दिन श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत महापुराण की महिमा के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भागवत कथा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि मानव जीवन को सही दिशा देने वाला आध्यात्मिक मार्ग है। इसके श्रवण मात्र से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है और मन को शांति व आत्मिक सुख की प्राप्ति होती है। इस दौरान उन्होंने देवर्षि नारद द्वारा भक्ति, ज्ञान और वैराग्य के कल्याणकारी स्वरूप का भी वर्णन किया। जब मनुष्य के जीवन में भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का समन्वय होता है, तभी उसका जीवन सार्थक बनता है। भागवत कथा मनुष्य को अहंकार, लोभ, मोह से दूर रहकर धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में भागवत कथा का श्रवण समाज में नैतिक मूल्यों को मजबूत करने का माध्यम भी है। कथा के माध्यम से लोगों को धर्म, सेवा, परोपकार और सद्भाव का संदेश मिलता है। इस दौरान श्रद्धालुओं ने पूरे श्रद्धा भाव से कथा श्रवण कर आशीर्वाद प्राप्त किया।