डीहर में श्रीमद् भागवत कथा के शुभारंभ अवसर पर कलश यात्रा निकालते हुए लोग। स्रोत: जागरूक पाठक
लोगों को श्रीमद् भागवत पुराण का बताया महत्व
संवाद न्यूज एजेंसी
भगेड़ ( बिलासपुर)। उपमंडल घुमारवीं की मोरसिंघी पंचायत के डीहर गांव में सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का कलश यात्रा के साथ शुभारंभ किया गया। महिलाओं ने सिर पर कलश उठाकर भाग लिया।
कलश यात्रा डीहर मोड़ से गांव के रास्तों से गुजरती हुई कथा स्थल तक पहुंची। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन करते हुए भगवान के जयकारे लगाए, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। कथा वाचक पंडित दिवाकर शुक्ला ने श्रीमद् भागवत पुराण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण मानव जीवन को पवित्र बनाने का एक श्रेष्ठ माध्यम है। उन्होंने बताया कि भागवत कथा सुनने से मनुष्य के एक जन्म ही नहीं, बल्कि अनेक जन्मों के पापों का भी नाश होता है और जीवन में शुभ कर्मों का उदय होता है। श्रद्धा और भक्ति के साथ कथा श्रवण करने से मनुष्य जन्म-मरण के बंधन से मुक्त होकर मोक्ष की प्राप्ति कर सकता है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय की भागदौड़ भरी जीवनशैली में आध्यात्मिक ज्ञान का महत्व और भी बढ़ जाता है, इसलिए लोगों को धर्म और संस्कृति से जुड़े ऐसे आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए। कथा का 16 मार्च तक प्रतिदिन दोपहर 1 से शाम 4 बजे तक आयोजन किया जाएगा। समापन अवसर पर हवन-यज्ञ का आयोजन किया जाएगा तथा श्रद्धालुओं के लिए अटूट भंडारे की व्यवस्था भी रहेगी।