संध्या में बीडीसी चेयरमैन ओपी गौतम ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंने द्वीप प्रज्वलित कर संध्या का शुभारंभ किया।
शिमला की नेहा ने छोटा सा मंदिर बनाऊंगी..., सत्यम शिवम सुंदरम..., कान्हा आन खड़ी में तेरे द्वार..., राधे अलबेली सरकार... मन मेरा मंदिर शिव मेरी पूजा... आदि भजनों से माहौल का भक्तिमय बना दिया। इसके बाद बिलासपुर के प्रेम कुमार ने सत गुरु मैं तेरी पतंग..., शिव नाम से..., आने से मां के आए बहार... बाबे दे मंदरा जो गड्डी... जैसे भजनों की बेहतरीन प्रस्तुति दी।
इससे पहले व्यास उत्सव आयोजन समिति और व्यास नगर समिति के प्रधान कमलेंद्र कश्यप ने मुख्य अतिथि को शॉल, टोपी और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर वरिष्ठ उपप्रधान अविनाश कपूर, सचिव लोकेश कौशल, कोषाध्यक्ष राज कुमार, सांस्कृतिक कमेटी के चेयरमैन तेजस्वी शर्मा, प्रवीण शर्मा, प्रवक्ता कर्ण चंदेल व निशांत कपूर सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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प्रिंस ने सुनाया दमादम मस्त कलंदर
पहली सांस्कृतिक संध्या में धार्मिक गायन प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। इसमें नन्हे कलाकारों ने एक से बढ़कर एक भजन प्रस्तुत किए। अभिषेक ने किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए और प्रिंस कपिल ने दमादम मस्त कलंदर भजन प्रस्तुत किया। इसके अलावा उत्कर्ष शर्मा, रोहित व प्रत्यूश शर्मा ने भी भजन सुनाया।
निर्णायक मंडल ने भी दी प्रस्तुति
धार्मिक गायन प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल में शामिल भजन गायक अभिषेक सोनी, गुंजन दास और कश्मीर सिंह ने भी भजन प्रस्तुत किए। जिसमें अभिषेक ने काली कमली वाला मेरा यार है..., गुंजन दास ने सुन यशोदा मैं दुंगी दुहाई... व कश्मीर सिंह ने राखो लाज हमारी प्रभु जी... भजन सुनाकर खूब तालियां बटोरी।