संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। बिलासपुर ट्रक सहकारी सभा बरमाणा में करीब 2,400 ट्रकों के पहिये वीरवार को भी थमे रहे। दूसरे दिन भी मांगों को लेकर ऑपरेटरों की हड़ताल जारी रही। उपायुक्त बिलासपुर पंकज राय ने दोपहर 3:30 बजे एसीसी और बीडीटीएस प्रबंधन को वार्ता के लिए बुलाया था। इस वार्ता में बीडीटीएस की तरफ से कोई भी नहीं पहुंचा। जिससे कोई समाधान नहीं निकल पाया।
सभा के पदाधिकारियों का कहना है कि एसीसी कंपनी ने जो अनुबंध बीडीटीएस के साथ किया था, उसके अनुसार कार्य नहीं किया जा रहा है। इससे ऑपरेटरों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होती है, तब तक माल ढुलाई का कार्य बंद रहेगा। हड़ताल के दूसरे दिन भी ट्रक चालकों और ऑपरेटरों ने जमकर एसीसी कंपनी के खिलाफ नारेबाजी की।
बताते चलें कि अनुबंध के अनुसार बरमाणा सीमेंट फैक्ट्री से हर दिन 1,5000 टन माल ढुलाई तय हुई थी। इसमें 1,3000 टन सीमेंट और 2,000 टन क्लींकर शामिल हैं। कुछ समय तक तो अनुबंध के अनुसार माल ढुलाई होती रही और कार्य सुचारु रहा, लेकिन उसके बाद हर दिन माल ढुलाई में कमी आने लगी। वहीं अब यह रोजाना 5,000 टन पर पहुंच गई है। बीडीटीएस के प्रधान जीत राम गौतम ने बताया कि कंपनी बरमाणा में ऑपरेटरों को काम नहीं दे रही है।
डंपों पर छह दिन बाद गाड़ियां खाली हो रही हैं। जब तक अनुबंध के अनुसार एसीसी प्रबंधन कार्य करना शुरू नहीं करेगा, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने ऑपरेटरों से अपील की है कि वो अपने हक की लड़ाई के लिए एक साथ आएं ताकि इस समस्या का समाधान हो सके। उन्होंने कहा कि उपायुक्त की तरफ से वार्ता के लिए बुलाया गया था। लेकिन वो किन्हीं कारणों से समय पर वार्ता के लिए नहीं पहुंच सके।