-तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा, शैक्षणिक ज्ञान के साथ व्यावहारिक दक्षता भी जरूरी
-छात्रों को उद्योग की मांग के अनुरूप तैयार करें प्रोफेसर
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज बंदला ने हिमाचल प्रदेश के सभी सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों के विद्यार्थियों के लिए इंडस्ट्री-अकादमिक इंट्रोडक्शन फॉर एन्हान्सिंग एम्प्लॉयबिलिटी स्किल्स विषय पर ऑनलाइन सत्र का आयोजन किया। कार्यक्रम का मकसद छात्रों को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना रहा।
मुख्य अतिथि तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि अब सिर्फ शैक्षणिक ज्ञान से काम नहीं चलेगा। विद्यार्थियों को व्यावहारिक और उद्योग आधारित कौशल भी विकसित करना होगा। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर दिलाने में मददगार साबित होंगे। सत्र के मुख्य वक्ता विजनटेक हैदराबाद के सीईओ सी रमेश रहे। उन्होंने छात्रों को तकनीकी दक्षता, संचार क्षमता, समस्या सुलझाने की योग्यता और लचीलेपन जैसे कौशल विकसित करने पर जोर दिया। कॉलेज के निदेशक-सह-प्राचार्य डॉ. हिमांशु मोंगा ने कहा कि इस तरह के सत्र छात्रों को शिक्षा के साथ-साथ उद्योग की वास्तविक चुनौतियों से अवगत कराते हैं। कार्यक्रम का संचालन एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शशि गुरंग ने किया। सत्र में प्रदेश के सभी सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों के विद्यार्थी और फैकल्टी सदस्य शामिल हुए। छात्रों ने इसे ज्ञानवर्धक और कॅरिअर मार्गदर्शन के लिए उपयोगी बताया।